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बुध

बुध ग्रह को ग्रहों में राजकुमार की उपाधि दी गई है लेकिन जन्मकुंडली में यदि बुध अशुभ ग्रहों के साथ है तो यह अशुभ होता है और यदि शुभ ग्रहों के प्रभाव में है तो यह शुभ फल प्रदान करता है। मनुष्य को कोई भी छोटे से छोटा अथवा बड़े से बड़ा काम करने के लिए बुद्धि तो लगानी ही पड़ती है इसलिए बुध को बली बनाना आवश्यक है। यदि अशुभ है तो उसे शुभ बनाना जरुरी है। इसके लिए बुध के निम्न उपाय करें :

वैदिक मंत्र :

ऊँ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रतिजागृहि त्वमिष्टापूर्ते स सृजेथामयं च।

अस्मिन्त्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन्विश्वे देवा यजमानश्च सीदत।।

गायत्री मंत्र

ऊँ चन्द्रपुत्राय विदमहे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नोबुध: प्रचोदयात।

बीज मंत्र

ऊं बुं बुधाय नम:।

तांत्रिक मंत्र

ऊँ ऎं स्त्रीं श्रीं बुधाय नम:

ऊँ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:

ऊँ स्त्रीं स्त्रीं बुधाय नम:

बुध की शांति के उपाय:
  • बुधवार के दिन उपवास रखें।
  • किसी गरीब को उबले हुए मूंग दान दें।
  • गणेशजी के पूजन में दूर्वा का प्रयोग करें।
  • बुधवार के दिन हरे वस्त्र, मूंग की दाल का दान करें।
  • अपने वजन के बराबर हरी घास गायों को खिलाएं।
  • बहन व बेटियों का सम्मान करें।
 
बुध ग्रह का बारह घरों पर प्रभाव
 
रत्‍न

बुध का रत्न पन्ना है एवं पन्ना धारण करने से बुध के सकारात्मक प्रभाव की प्राप्त होती है। पन्ना कीमती रत्न है। यदि कोई इसे खरीदने में असक्षम है तो वह इसके स्थान पर एक्वामेरीन, हरे रंग का जिरकॉन, फिरोजा या पेरीडॉट या हरे रंग का अकीक धारण कर सकता है।

 
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