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बृहस्‍पति

गुरू ताकतवर एवं सबसे उदार ग्रह है। सप्ताह का चौथा दिन बृहस्पतिवार गुरू से जुड़ा हुआ है। यह हर परिस्थिति को विशाल दृष्टिकोण से देखने की क्षमता रखता है। गुरु के मजबूत होने से धन-धान्य में वृद्धि, विवेकशीलता, तर्क-न्याय से भरा जीवन मिलता है किंतु उसका बलहीन होना विवेकहीन, अन्यायी, कलंक आदि अपमान, राज दण्ड से भय आदि प्रदान करवाता है। गुरु ग्रह के कुप्रभाव को कम करने के उपाय -:

वैदिक मंत्र:

ऊँ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेधु।

यद्दीदयच्छवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविण देहि चित्रम ।।

गायत्री मंत्र

ऊं गुरुदेवाय विद्महे परब्रह्माय धीमहि तन्नो गुरु प्रचोदयात ॥

बीज मंत्र

ॐ ह्रीं क्लीं हूं बृहस्पतये नम:।।

तांत्रिक मंत्र

ॐ बृं बृहस्पतये नम:।।

बृहस्‍पति की शांति के उपाय:
  • हर गुरुवार शिवजी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। इस उपाय से गुरु ग्रह के दोष दूर होते हैं।
  • गुरुवार को गुरु ग्रह के लिए व्रत रखें। इस दिन पीले कपड़े पहनें। बिना नमक का खाना खाएं। भोजन में पीले रंग का पकवान जैसे बेसन के लड्डू, आम, केले आदि भी शामिल करें।
  • गुरु बृहस्पति की प्रतिमा या फोटो को पीले कपड़े पर विराजित करें और पूजा करें। पूजा में केसरिया चंदन, पीले चावल, पीले फूल और प्रसाद के लिए पीले पकवान या फल चढ़ाएं।
  • गुरु से जुड़ी पीली वस्तुओं का दान करें। पीली वस्तु जैसे सोना, हल्दी, चने की दाल, आम (फल) आदि।
  • गुरुवार को सूर्योदय से पहले उठें। स्नान के बाद भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • गुरुवार की शाम को केले के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं। केले की पूजा करें और लड्डू या बेसन की मिठाई चढ़ाएं।
  • गुरुवार की विशेष पूजा के बाद स्वयं के माथे पर केसर का तिलक लगाएं। यदि केसर नहीं हो तो हल्दी का तिलक भी लगा सकते हैं।
  • गुरुवार को माता-पिता एवं गुरु के चरण स्पर्श करें और आशीर्वाद प्राप्त करें।
 
बृहस्पति ग्रह का बारह घरों पर प्रभाव
 
रत्‍न

पीले पुखराज रत्न का स्वामी बृहस्पति है। यह रत्न गुरू के दोषों को दूर करने की क्षमता रखता है। यदि आप पुखराज नहीं खरीद पा रहे हैं या अच्छां पुखराज न मिलने की स्थिति में इसके विकल्प के रूप में पीला मोती, पीला जिरकॉन या सुनैला पहन सकते हैं।