2 सितंबर 2026 · Delhi
हिंदू पंचांग वैदिक काल-गणना की एक पारंपरिक प्रणाली है। इसके पाँच मुख्य अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—किसी दिन की धार्मिक तथा ज्योतिषीय विशेषताओं को समझने में सहायता करते हैं।
ऊपर दिए गए पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चंद्र राशि, राहु काल और शुभ मुहूर्त देखें। शुभ कार्य की योजना बनाते समय स्थान अवश्य जाँचें, क्योंकि सूर्योदय तथा मुहूर्त का समय शहर के अनुसार बदल सकता है।
यह पंचांग अभी Delhi के लिए दिखाया गया है। दूसरे शहर का सही समय देखने के लिए “स्थान बदलें” विकल्प चुनें। तिथि और नक्षत्र सामान्यतः समान रह सकते हैं, लेकिन स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल और चौघड़िया के समय में अंतर हो सकता है।
दैनिक उपयोग के लिए तिथि, नक्षत्र, सूर्योदय, राहु काल, अभिजीत मुहूर्त और चौघड़िया सबसे अधिक देखे जाते हैं।
तिथि और नक्षत्र समान हो सकते हैं, लेकिन सूर्योदय आधारित समय जैसे राहु काल तथा चौघड़िया स्थान के अनुसार बदलते हैं।
हाँ। ऊपर तारीख चुनकर या नीचे दिए गए आगामी तारीख लिंक से किसी भविष्य की तारीख का पंचांग देखा जा सकता है।
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