अपने पूर्वज की मृत्यु तिथि के अनुसार जानें पितृ पक्ष में श्राद्ध कब करें।
पितृ पक्ष में श्राद्ध, पिंड दान और तर्पण से पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करें। अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक विधि से पूजा करवाएँ और पितृ दोष निवारण व परिवार में शांति प्राप्त करें।
अभी श्राद्ध पूजा बुक करेंअपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार जानें श्राद्ध का सही दिन। पितृ पक्ष 2026 में श्राद्ध कब करें, मृत्यु के दिन कौन सी हिंदू तिथि थी और उस तिथि के अनुसार श्राद्ध किस दिन किया जाना चाहिए—इन सभी सवालों का उत्तर AstroVidhi के श्राद्ध तिथि कैलकुलेटर से जानें।
पितृ पक्ष हिंदू धर्म में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करने का विशेष समय माना जाता है। इस अवधि में परिवार अपने दिवंगत पूर्वजों का स्मरण करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण तथा अन्य धार्मिक कर्म करते हैं।
श्राद्ध का अर्थ श्रद्धा के साथ अपने पितरों के प्रति कर्तव्य निभाना है। हिंदू परंपरा में माना जाता है कि पूर्वजों का स्मरण, उनके नाम से किए गए धार्मिक कर्म और परिवार के प्रति उनके योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त करना महत्वपूर्ण है।
परंपरागत रूप से किसी व्यक्ति का वार्षिक श्राद्ध उसकी मृत्यु की हिंदू तिथि के अनुसार किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी पूर्वज की मृत्यु कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को हुई थी, तो सामान्य वार्षिक श्राद्ध में पितृ पक्ष की सप्तमी तिथि को श्राद्ध करने की परंपरा है।
लेकिन कई परिवारों को अपने पूर्वज की मृत्यु की अंग्रेजी तारीख तो मालूम होती है, जबकि उस दिन की हिंदू तिथि की जानकारी नहीं होती। ऐसे में मृत्यु की तारीख, समय और स्थान के आधार पर पंचांग से तिथि ज्ञात की जा सकती है।
AstroVidhi का Pitru Paksha Shradh Date Calculator इसी उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें आप अपने पूर्वज की मृत्यु से संबंधित जानकारी दर्ज करके मृत्यु के दिन की हिंदू तिथि जान सकते हैं और उसके अनुसार पितृ पक्ष में श्राद्ध की तारीख खोज सकते हैं।
कैलकुलेटर में उपलब्ध जानकारी के अनुसार निम्न विवरण दर्ज करें:
पूर्वज का नाम।
मृत्यु की तारीख।
मृत्यु का समय, यदि ज्ञात हो।
मृत्यु का स्थान।
जिस वर्ष का पितृ पक्ष देखना चाहते हैं।
गणना के बाद टूल मृत्यु के समय की हिंदू तिथि, पक्ष और संबंधित श्राद्ध तिथि की जानकारी दिखाएगा।
महत्वपूर्ण: सही गणना के लिए मृत्यु का समय और स्थान उपयोगी होते हैं। यदि तिथि बदलने के समय मृत्यु हुई हो और समय उपलब्ध न हो, तो परिणाम में अनिश्चितता हो सकती है।
पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत 26 सितंबर से होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा। इस अवधि में पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध और तर्पण किया जाता है।
अपने पूर्वज की श्राद्ध तिथि जानने के लिए पितृ पक्ष के दिनांक वाले कैलेंडर को देखें या श्राद्ध तिथि कैलकुलेटर का उपयोग करें।
यदि आप पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों के लिए पूजा करवाना चाहते हैं, तो AstroVidhi के श्राद्ध पूजा पेज पर उपलब्ध पूजा सेवाओं और संबंधित जानकारी को भी देख सकते हैं।
कभी-कभी परिवार को अपने पूर्वज की श्राद्ध तिथि की जानकारी देर से मिलती है या निर्धारित तिथि पर श्राद्ध करना संभव नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में परिवार की धार्मिक परंपरा और योग्य आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार आगे की तिथि या सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध करने के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
यदि मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है, तो भी पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए पितृ पक्ष में तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। ऐसी स्थिति में सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है।
श्राद्ध पूर्वजों के लिए श्रद्धा के साथ किए जाने वाले धार्मिक कर्मों का नाम है। इसमें परिवार की परंपरा के अनुसार पिंडदान, भोजन अर्पण, ब्राह्मण भोजन और अन्य विधियां शामिल हो सकती हैं।
तर्पण में जल आदि के माध्यम से पितरों का स्मरण और अर्पण किया जाता है। दोनों कर्मों का उद्देश्य पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है।
अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध का सही दिन जानने के लिए AstroVidhi के श्राद्ध तिथि कैलकुलेटर का उपयोग करें। मृत्यु की तारीख और उपलब्ध जानकारी दर्ज करें और पितृ पक्ष में संबंधित श्राद्ध तिथि की जानकारी प्राप्त करें।
पूर्वजों का स्मरण हमारी पारिवारिक परंपराओं, संस्कारों और भावनात्मक जुड़ाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पितृ पक्ष में श्रद्धा के साथ उनका स्मरण करें और अपनी परंपरा के अनुसार धार्मिक कर्म करें।