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भूमि पूजन मुहूर्त

अपडेट: 9 अक्टूबर 2026 · दिल्ली · समीक्षा: आचार्य रमन

भूमि पूजन मुहूर्त निर्माण शुरू करने से पहले भूमि की पूजा और नींव रखने का शुभ समय है। केवल दिन के समय लिए जाते हैं और सभी अशुभ काल हटा दिए जाते हैं।

संक्षिप्त उत्तर

दिल्ली में अगला भूमि पूजन मुहूर्त 11 नवंबर 2026 (बुधवार) को है, समय 6:40 AM – 8:01 AM, 9:22 AM – 10:43 AM। कुल: 2026 में 14 तिथियां, 2027 में 10 तिथियां, 2028 में 18 तिथियां, 2029 में 10 तिथियां, 2030 में 10 तिथियां।

तारीखमुहूर्त का समयतिथिनक्षत्रश्रेणी
11 नवंबर 2026
बुधवार
6:40 AM – 8:01 AM
9:22 AM – 10:43 AM
शुक्ल द्वितीयाअनुराधाशुभ
26 नवंबर 2026
गुरुवार
8:11 AM – 9:30 AM
11:05 AM – 1:27 PM
3:17 PM – 5:24 PM
कृष्ण द्वितीयामृगशिराउत्तम
28 नवंबर 2026
शनिवार
12:54 PM – 1:27 PM
2:46 PM – 5:24 PM
कृष्ण पंचमीपुष्यसामान्य
12 दिसंबर 2026
शनिवार
8:26 AM – 9:39 AM
10:57 AM – 12:07 PM
शुक्ल तृतीयाउत्तराषाढ़ाउत्तम
14 दिसंबर 2026
सोमवार
9:40 AM – 10:58 AM
3:27 PM – 5:25 PM
शुक्ल पंचमीधनिष्ठाउत्तम
8 मई 2027
शनिवार
7:22 AM – 8:56 AM
10:37 AM – 1:58 PM
4:01 PM – 7:00 PM
शुक्ल तृतीयारोहिणीशुभ
12 मई 2027
बुधवार
5:32 AM – 7:13 AM
8:55 AM – 10:36 AM
1:59 PM – 2:56 PM
शुक्ल सप्तमीपुष्यशुभ
15 मई 2027
शनिवार
12:01 PM – 1:59 PM
3:41 PM – 7:04 PM
शुक्ल दशमीउत्तर फाल्गुनीउत्तम
17 मई 2027
सोमवार
5:29 AM – 7:11 AM
8:53 AM – 10:35 AM
4:22 PM – 7:05 PM
शुक्ल त्रयोदशीचित्राउत्तम
20 मई 2027
गुरुवार
1:18 PM – 2:00 PMशुक्ल पूर्णिमाअनुराधाशुभ

वर्ष के अनुसार तिथियां

भूमि पूजन मुहूर्त 2026

भूमि पूजन मुहूर्त 2027

भूमि पूजन मुहूर्त 2028

भूमि पूजन मुहूर्त 2029

भूमि पूजन मुहूर्त 2030

ये तिथियां कैसे चुनी जाती हैं – भूमि पूजन मुहूर्त

  • श्रेष्ठ मास: वैशाख, श्रावण, मार्गशीर्ष और फाल्गुन; कार्तिक मान्य है। बाकी मास वर्जित हैं।
  • शुभ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद और रेवती; पुष्य, हस्त, स्वाती, धनिष्ठा और शतभिषा मान्य।
  • रिक्ता तिथि और अमावस्या, रविवार और मंगलवार वर्जित हैं। राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, वर्ज्यम्, पंचक और भद्रा हटा दिए जाते हैं।
  • अधिक मास, होलाष्टक, पितृ पक्ष, खरमास और गुरु या शुक्र अस्त होने पर भूमि पूजन मुहूर्त नहीं होता।

खुदाई की दिशा जैसे वास्तु नियम इन तिथियों में शामिल नहीं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भूमि पूजन सुबह किया जाता है?

यहाँ भूमि पूजन के समय केवल दिन में, सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच, राहु काल आदि अशुभ काल हटाकर दिए गए हैं।

भूमि पूजन के लिए कौन से महीने श्रेष्ठ हैं?

वैशाख, श्रावण, मार्गशीर्ष और फाल्गुन श्रेष्ठ माने जाते हैं, और कार्तिक मान्य है।

क्या इसमें खुदाई की वास्तु दिशा भी शामिल है?

नहीं। ये तिथियां केवल पंचांग पर आधारित हैं। पहली खुदाई की दिशा के लिए वास्तु विशेषज्ञ से पूछें।

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