भूमि पूजन मुहूर्त
भूमि पूजन मुहूर्त निर्माण शुरू करने से पहले भूमि की पूजा और नींव रखने का शुभ समय है। केवल दिन के समय लिए जाते हैं और सभी अशुभ काल हटा दिए जाते हैं।
संक्षिप्त उत्तर
दिल्ली में अगला भूमि पूजन मुहूर्त 11 नवंबर 2026 (बुधवार) को है, समय 6:40 AM – 8:01 AM, 9:22 AM – 10:43 AM। कुल: 2026 में 14 तिथियां, 2027 में 10 तिथियां, 2028 में 18 तिथियां, 2029 में 10 तिथियां, 2030 में 10 तिथियां।
| तारीख | मुहूर्त का समय | तिथि | नक्षत्र | श्रेणी |
|---|---|---|---|---|
| 11 नवंबर 2026 बुधवार | 6:40 AM – 8:01 AM 9:22 AM – 10:43 AM | शुक्ल द्वितीया | अनुराधा | शुभ |
| 26 नवंबर 2026 गुरुवार | 8:11 AM – 9:30 AM 11:05 AM – 1:27 PM 3:17 PM – 5:24 PM | कृष्ण द्वितीया | मृगशिरा | उत्तम |
| 28 नवंबर 2026 शनिवार | 12:54 PM – 1:27 PM 2:46 PM – 5:24 PM | कृष्ण पंचमी | पुष्य | सामान्य |
| 12 दिसंबर 2026 शनिवार | 8:26 AM – 9:39 AM 10:57 AM – 12:07 PM | शुक्ल तृतीया | उत्तराषाढ़ा | उत्तम |
| 14 दिसंबर 2026 सोमवार | 9:40 AM – 10:58 AM 3:27 PM – 5:25 PM | शुक्ल पंचमी | धनिष्ठा | उत्तम |
| 8 मई 2027 शनिवार | 7:22 AM – 8:56 AM 10:37 AM – 1:58 PM 4:01 PM – 7:00 PM | शुक्ल तृतीया | रोहिणी | शुभ |
| 12 मई 2027 बुधवार | 5:32 AM – 7:13 AM 8:55 AM – 10:36 AM 1:59 PM – 2:56 PM | शुक्ल सप्तमी | पुष्य | शुभ |
| 15 मई 2027 शनिवार | 12:01 PM – 1:59 PM 3:41 PM – 7:04 PM | शुक्ल दशमी | उत्तर फाल्गुनी | उत्तम |
| 17 मई 2027 सोमवार | 5:29 AM – 7:11 AM 8:53 AM – 10:35 AM 4:22 PM – 7:05 PM | शुक्ल त्रयोदशी | चित्रा | उत्तम |
| 20 मई 2027 गुरुवार | 1:18 PM – 2:00 PM | शुक्ल पूर्णिमा | अनुराधा | शुभ |
वर्ष के अनुसार तिथियां
भूमि पूजन मुहूर्त 2026
भूमि पूजन मुहूर्त 2027
भूमि पूजन मुहूर्त 2028
भूमि पूजन मुहूर्त 2029
भूमि पूजन मुहूर्त 2030
ये तिथियां कैसे चुनी जाती हैं – भूमि पूजन मुहूर्त
- श्रेष्ठ मास: वैशाख, श्रावण, मार्गशीर्ष और फाल्गुन; कार्तिक मान्य है। बाकी मास वर्जित हैं।
- शुभ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद और रेवती; पुष्य, हस्त, स्वाती, धनिष्ठा और शतभिषा मान्य।
- रिक्ता तिथि और अमावस्या, रविवार और मंगलवार वर्जित हैं। राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, वर्ज्यम्, पंचक और भद्रा हटा दिए जाते हैं।
- अधिक मास, होलाष्टक, पितृ पक्ष, खरमास और गुरु या शुक्र अस्त होने पर भूमि पूजन मुहूर्त नहीं होता।
खुदाई की दिशा जैसे वास्तु नियम इन तिथियों में शामिल नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या भूमि पूजन सुबह किया जाता है?
यहाँ भूमि पूजन के समय केवल दिन में, सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच, राहु काल आदि अशुभ काल हटाकर दिए गए हैं।
भूमि पूजन के लिए कौन से महीने श्रेष्ठ हैं?
वैशाख, श्रावण, मार्गशीर्ष और फाल्गुन श्रेष्ठ माने जाते हैं, और कार्तिक मान्य है।
क्या इसमें खुदाई की वास्तु दिशा भी शामिल है?
नहीं। ये तिथियां केवल पंचांग पर आधारित हैं। पहली खुदाई की दिशा के लिए वास्तु विशेषज्ञ से पूछें।












