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गौरी शंकर रुद्राक्ष

गौरी शंकर रुद्राक्ष

शिव-पार्वती जैसा दांपत्‍य सुख पाने के लिए गौरी शंकर रुद्राक्ष उत्तम है। भगवान शिव और मां पार्वती का प्रत्‍यक्ष रूप है गौरी शंकर रुद्राक्ष।

गौरी शंकर रुद्राक्ष दो रुद्राक्षों का प्राकृतिक रूप से जुड़ा हुआ स्वरूप है, जो भगवान शिव और माता पार्वती का प्रतीक है। इसे सुखी दांपत्य जीवन, पति-पत्नी में सामंजस्य, परिवार में शांति और विवाह में देरी होने पर धारण किया जाता है। पूरी जानकारी

डिलीवरी: 5-8 दिनों में डिलीवरी
मुफ़्त शिपिंग: पूरे भारत में
फ़ोन पर ख़रीदें: +91 82852 82851
अभिमंत्रित: फ्री अभिमन्त्रण आचार्य रमन जी द्वारा

विवरण

आकार एवं उत्‍पत्ति :जुड़ेे हुए दो गोलाकार नेपाली रूद्राक्ष
वजन (ग्राम) :4.0-5.0
माप :~33*18.5
सर्टिफिकेशन:Astrovidhi
धातु :N/A

शिव-पार्वती जैसा दांपत्‍य सुख पाने के लिए गौरी शंकर रुद्राक्ष उत्तम है। भगवान शिव और मां पार्वती का प्रत्‍यक्ष रूप है गौरी शंकर रुद्राक्ष।

इस रुद्राक्ष को धारण करने से भगवान शिव और मां पार्वती दोनों की कृपा प्राप्‍त होती है।

गौरी शंकर रुद्राक्ष के लाभ 

  • गृहस्‍थ सुख के लिए गौरी शंकर रुद्राक्ष अति शुभ माना जाता है। भगवान शिव और मां पार्वती एक सुखी गृ‍हस्‍थ जीवन का प्रतीक हैं और इसीलिए जो भी व्‍यक्‍ति इस रुद्राक्ष को धारण्‍ करता है उसका वैवाहिक जीवन सुख से भर जाता है।
  • जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही हो या कोई बाधा आ रही है तो उन्‍हें गौरी रुद्राक्ष धारण करने से अवश्‍य ही फायदा पहुंचता है।
  • जिन स्त्रियों को गर्भ से सम्बंधित कोई समस्या हो उनके लिए भी यह लाभकारी हो सकता है।

गौरी शंकर रुद्राक्ष की विधि 

इस रुद्राक्ष को धारण करते समय गायत्री मंत्र का जाप करें। पुरुषों को इस रुद्राक्ष को चांदी की कटोरी में स्थापित करके केमिकल रहित सुगन्धित द्रव्य से अभिमंत्रित करना चाहिए।

हमसे क्‍यों लें

गौरी शंकर रुद्राक्ष को हमारे पंडितजी द्वारा अभिमंत्रित कर के आपके पास भेजा जाएगा जिससे आपको शीघ्र अति शीघ्र इसका पूर्ण लाभ मिल सके।

गौरी शंकर रुद्राक्ष – मुख्य जानकारी

स्वामी ग्रहचंद्र
देवताभगवान शिव और माता पार्वती
राशिकर्क
बीज मंत्रॐ गौरी शंकराय नमः
धारण करने का दिनसोमवार
कीमत₹8,701

गौरी शंकर रुद्राक्ष के लाभ

  • पति-पत्नी के बीच आपसी समझ और सामंजस्य बढ़ाता है।
  • परिवार में शांति और एकता लाता है।
  • परंपरा के अनुसार विवाह में देरी या योग्य रिश्ता न मिलने पर पहना जाता है।
  • मन को शांत करता है और चंद्र को संतुलित करता है।

गौरी शंकर रुद्राक्ष किसे पहनना चाहिए?

  • जिन दंपतियों के बीच मतभेद या दूरी हो।
  • जिनके विवाह में देरी हो रही हो।
  • घर में शांति और एकता चाहने वाले परिवार।

गौरी शंकर रुद्राक्ष कैसे धारण करें?

  1. सोमवार की सुबह स्नान के बाद रुद्राक्ष को गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करें।
  2. इसे भगवान शिव के सामने रखकर धूप-दीप से पूजा करें।
  3. "ॐ गौरी शंकराय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
  4. लाल या पीले धागे, चाँदी या सोने में इस तरह पहनें कि रुद्राक्ष त्वचा को छूता रहे।
  5. नियमित रूप से मंत्र जाप करते रहें और रुद्राक्ष को साफ़ रखें।

गौरी शंकर रुद्राक्ष – सामान्य प्रश्न

गौरी शंकर रुद्राक्ष के क्या लाभ हैं?

यह सुखी दांपत्य जीवन, पति-पत्नी में सामंजस्य, परिवार में शांति और विवाह में देरी होने पर पहना जाता है।

असली गौरी शंकर रुद्राक्ष की कीमत कितनी है?

AstroVidhi पर असली और अभिमंत्रित गौरी शंकर रुद्राक्ष की कीमत ₹8,701 है, जो सर्टिफिकेट के साथ भेजा जाता है।

क्या गौरी शंकर रुद्राक्ष विवाह के लिए अच्छा है?

हाँ, यह शिव-पार्वती का संयुक्त स्वरूप है और विवाह की प्रतीक्षा कर रहे लोग तथा सामंजस्य चाहने वाले दंपति इसे धारण करते हैं।

क्या गौरी शंकर रुद्राक्ष पूजा घर में रख सकते हैं?

हाँ, इसे धारण भी कर सकते हैं या पूजा घर में रखकर रोज़ पूजा कर सकते हैं, जिससे परिवार में शांति और एकता बनी रहती है।

यहाँ दी गई जानकारी शास्त्रों और परंपरागत मान्यताओं पर आधारित है; परिणाम व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकते हैं। अपनी कुंडली के अनुसार सही उपाय चुनने के लिए हमारे ज्योतिषी से सलाह लें।

 

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