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शुक्र मेखला अंगूठी

शुक्र मेखला अंगूठी

धन-संपत्ति और ऐश्‍वर्य की प्राप्‍ति के लिए शुक्र मेखला अंगूठी का निर्माण किया गया है। इस अंगूठी में जडित रत्‍नों के प्रभाव से कोई भी व्‍यक्‍ति धन और सुख की प्राप्‍ति कर सकता है। 

 
डिलीवरी: 3-4 दिनों में डिलीवरी
मुफ़्त शिपिंग: पूरे भारत में
फ़ोन पर ख़रीदें: 82852 82851
अभिमंत्रित: फ्री अभिमन्त्रण पंडित सूरज शास्त्री जी द्वारा

विवरण

जेम्स्टोने नाम:फिरोजा + ओपल + कठेला
भार:5.5 रत्ती
धातु:पंच धातु
सर्टिफिकेशन:JGL सर्टिफिकेशन
अभिमंत्रित:पंडित सूरज शास्त्री

धन-संपत्ति और ऐश्‍वर्य की प्राप्‍ति के लिए शुक्र मेखला अंगूठी का निर्माण किया गया है। इस अंगूठी में जडित रत्‍नों के प्रभाव से कोई भी व्‍यक्‍ति धन और सुख की प्राप्‍ति कर सकता है। 

वैवाहिक सुख की प्राप्‍ति के लिए भी ये अंगूठी सर्वोपरि मानी जाती है। पुरुष की काम शक्ति और काम भावनाओं का कारक ग्रह है शुक्र।  

बिना शुक्र के संतानोत्पत्ति संभव ही नहीं है।  स्त्री को दीर्घकालिक शांति प्रदान करने हेतु भी शुक्र को साधना पड़ता है। कठिन समय में भी तनाव मुक्त रहना शुक्र के ही कारण संभव है।

शुक्र मेखला अंगूठी की विशेषता क्या है ?

  • इस सिद्ध अभिमंत्रित अंगूठी में अरबी फ़िरोज़ा, ओपल और कटहला को एक साथ मन्त्रित कर दिया गया है।  शनि, शुक्र का अभिन्न मित्र है और शनि के रहते इस अंगूठी के धारक को किसी प्रकार की ऊपरी बाधा, शनि के दोष आदि नहीं लग सकते।
  • फ़िरोज़ा और ओपल के एक साथ हो जाने से धारक का शुक्र अत्यधिक प्रबल हो उठेगा और उसके विवाहित जीवन में प्रसन्नता आएगी।
  • वह उत्तम शयन सुख का प्रदाता बनेगा और साथ ही जो लोग प्रेम को ही सर्वोपरि समझकर किसी का साथ चाहते हैं उनके लिए भी यह अंगूठी बहुत ही सहायक होगी।

कौन धारण कर सकता है ?

कोई भी जातक जिसको लगता है कि उसके जीवन में अत्यधिक तनाव है और सुख में कमी हैं या आर्थिक तंगी से गुज़र रहे लोग इसे धारण कर सकते हैं।

कैसे धारण करना है ?

इस अंगूठी को प्राप्त करने के पश्चात इसको किसी स्वच्छ स्थल पर रख लें। विवाहित जातक शुक्रवार के दिन प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर पूजा घर में अपने जीवन साथी के साथ जाएं तथा माँ कामाख्या का ध्यान करते हुए इसे धारण करें। इसके बाद माता को धूप दीप आदि देकर पूरे घर में धूप घुमाएं।

अविवाहित जातक शुक्रवार की रात्रि में जिनसे भी वे सम्बन्ध चाहते हों उनका ध्यान करते हुए माँ कामाख्या का ध्यान करें और इसे धारण करने के पश्चात धूप दीप दें।

हमसे क्यों लें ?

इस अंगूठी को बढ़ के दूध के साथ कामदेव और शुक्र के मन्त्रों द्वारा अभिमंत्रित करा जाता है जिसका वीडियो भी प्रत्येक जातक को दिया जाता है।

इस दिव्य अंगूठी को पूरे वैदिक चरणों में अभिमंत्रित करा जाता है और उसके बाद ही आपके लिए भेजा जाता है।

 

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