
भगवान शिव का रुद्र रूप है ग्यारह मुखी रुद्राक्ष। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को शिखा में बांधना या गले में धारण करना चाहिए।
11 मुखी (ग्यारह मुखी) रुद्राक्ष एकादश रुद्र और भगवान हनुमान का प्रतीक है और मंगल से जुड़ा माना जाता है। इसे साहस, आत्मविश्वास, आत्म-नियंत्रण और व्यापार, राजनीति व कूटनीति में सफलता के लिए धारण किया जाता है। पूरी जानकारी
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विवरण
| आकार : | गोलाकार |
| वजन (ग्राम) : | 3.0 to 4.0 (Approx) |
| माप : | 17mm (Approx) |
| सर्टिफिकेशन: | Astrovidhi |
| उत्पत्ति : | नेपाली रूद्राक्ष |
भगवान शिव का रुद्र रूप है ग्यारह मुखी रुद्राक्ष। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को शिखा में बांधना या गले में धारण करना चाहिए।
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को भगवान इंद्र का स्वरूप भी माना जाता है।
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को सोमवार, शुक्रवार या एकादशी के दिन ही धारण करना चाहिए। इस रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र “ॐ ह्रीं हूं नमः” है।
इसके पश्चात् तीन माला का “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। इससे आपको ग्यारह मुखी रुद्राक्ष का दस गुना अधिक लाभ प्राप्त होगा।
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को हमारे पंडितजी द्वारा अभिमंत्रित कर के आपके पास भेजा जाएगा जिससे आपको शीघ्र अति शीघ्र इसका पूर्ण लाभ मिल सके।
| स्वामी ग्रह | मंगल |
|---|---|
| देवता | भगवान हनुमान (एकादश रुद्र) |
| राशि | मेष, वृश्चिक |
| बीज मंत्र | ॐ ह्रीं हूं नमः |
| धारण करने का दिन | सोमवार |
| कीमत | ₹7,100 |
यह साहस, आत्म-नियंत्रण, व्यापार में उन्नति और राजनीति व सार्वजनिक जीवन में सफलता के लिए पहना जाता है।
AstroVidhi पर असली और अभिमंत्रित 11 मुखी रुद्राक्ष की कीमत ₹7,100 है, जो सर्टिफिकेट के साथ भेजा जाता है।
सोमवार, शुक्रवार या एकादशी के दिन "ॐ ह्रीं हूं नमः" मंत्र का जाप करके इसे धारण करें; इसे प्रायः गले में पहना जाता है।
यह एकादश रुद्र और भगवान हनुमान का स्वरूप है, जिन्हें ग्यारहवाँ रुद्र माना जाता है।
यहाँ दी गई जानकारी शास्त्रों और परंपरागत मान्यताओं पर आधारित है; परिणाम व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकते हैं। अपनी कुंडली के अनुसार सही उपाय चुनने के लिए हमारे ज्योतिषी से सलाह लें।