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केतु शांति पूजा

केतु शांति पूजा

वैदिक ज्योतिष में केतु को एक छाया ग्रह (Shadow Planet) माना गया है, जो पूर्वजन्म के कर्म, वैराग्य, अचानक घटनाओं और आध्यात्मिक प्रभावों का कारक होता है। राहु के बाद केतु को सबसे अधिक अशुभ प्रभाव देने वाला ग्रह कहा गया है।
यदि केतु कुंडली के तीसरे, दसवें, ग्यारहवें या बारहवें भाव में स्थित हो तो यह शुभ फल देता है, लेकिन अन्य भावों में इसकी स्थिति समस्याएं उत्पन्न कर सकती है।

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वैदिक ज्योतिष में केतु को एक छाया ग्रह (Shadow Planet) माना गया है, जो पूर्वजन्म के कर्म, वैराग्य, अचानक घटनाओं और आध्यात्मिक प्रभावों का कारक होता है। राहु के बाद केतु को सबसे अधिक अशुभ प्रभाव देने वाला ग्रह कहा गया है।
यदि केतु कुंडली के तीसरे, दसवें, ग्यारहवें या बारहवें भाव में स्थित हो तो यह शुभ फल देता है, लेकिन अन्य भावों में इसकी स्थिति समस्याएं उत्पन्न कर सकती है।

विशेष रूप से पंचम और अष्टम भाव में केतु की उपस्थिति गंभीर परिणाम दे सकती है, जैसे अचानक दुर्घटनाएं, शारीरिक कष्ट, संतान संबंधी परेशानी, वैवाहिक तनाव और मानसिक अशांति। ऐसे प्रभावों से मुक्ति के लिए केतु शांति पूजा कराना अत्यंत आवश्यक माना गया है।


केतु दोष कैसे बनता है?

केतु दोष उस स्थिति में बनता है जब:

  • केतु अशुभ भावों में स्थित हो

  • केतु पापी ग्रहों से प्रभावित हो

  • केतु संतान, स्वास्थ्य, आयु या विवाह भाव को प्रभावित करे

इस दोष के कारण व्यक्ति को जीवन में बार-बार रुकावटें, तनाव और अस्थिरता का सामना करना पड़ता है।


केतु शांति पूजा क्या है?

केतु शांति पूजा एक शक्तिशाली वैदिक अनुष्ठान है, जो केतु ग्रह के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने और शुभ फल प्राप्त करने हेतु किया जाता है।
इस पूजा में विशेष मंत्रों का जाप, हवन और भगवान गणेश की उपासना की जाती है, क्योंकि भगवान गणेश को केतु का अधिदेव माना जाता है।


केतु शांति पूजा के लाभ

केतु शांति पूजा कराने से निम्न लाभ प्राप्त होते हैं:

  • आकस्मिक दुर्घटनाओं व अनहोनी घटनाओं से रक्षा

  • पति-पत्नी के बीच प्रेम और वैवाहिक सुख में वृद्धि

  • परिवार में शांति, सौहार्द और सकारात्मक वातावरण

  • व्यवसाय और नौकरी में स्थिरता एवं प्रगति

  • मानसिक तनाव, भय और शारीरिक कष्टों से राहत

  • लंबे समय से अटके कार्यों में सफलता


केतु मंत्र जाप

केतु दोष की शांति हेतु निम्न मंत्रों का 108 बार जाप करें:

केतु जाप मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं केतवे नमः

केतु बीज मंत्र

ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः

इन मंत्रों के साथ भगवान गणेश की विधिवत पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है।


केतु शांति पूजा की सामग्री

धूप, आम के पत्ते, देसी घी, कुमकुम, जनेऊ, कपूर, शहद, चीनी, चावल, सुपारी, पान, फूल, फल, मिठाई, गंगाजल, कलावा, हवन सामग्री और गुलाबी वस्त्र।


पूजा का शुभ समय

केतु शांति पूजा का शुभ मुहूर्त जातक की कुंडली और पंचांग देखकर अनुभवी पंडित द्वारा तय किया जाता है, जिससे पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो।


केतु शांति पूजा का महत्व

इस पूजा से:

  • रुके हुए कार्य पूर्ण होने लगते हैं

  • मानसिक और शारीरिक संतुलन बढ़ता है

  • नकारात्मक ग्रह प्रभाव धीरे-धीरे कम होते हैं

  • जीवन में शांति, सुरक्षा और स्थिरता आती है


यजमान से आवश्यक जानकारी

  • नाम

  • गोत्र

  • पिता का नाम

  • जन्म तिथि

  • जन्म समय

  • जन्म स्थान


केतु दोष से मुक्ति कैसे पाएं?

आप AstroVidhi के माध्यम से अपने या परिवार के किसी सदस्य के लिए केतु शांति पूजा बुक कर सकते हैं।

Customer Care Number: 8285282851

पूजा बुक करते समय संबंधित व्यक्ति का नाम, जन्म विवरण, गोत्र और पिता का नाम अवश्य दें।

आज ही केतु शांति पूजा बुक करें और जीवन की बाधाओं से मुक्ति पाएं।

 

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