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पंचमुखी रुद्राक्ष पेंडेंट

पंचमुखी रुद्राक्ष पेंडेंट

प्राचीन काल से ही यह माना जाता है की पंचमुखी रुद्राक्ष में महादेव शिव के पांच देव रूप है तथा यह भी कहा जाता है की यह पांचो देव रूप पंचमुखी रुद्राक्ष में निवास करते है। पंचमुखी रुद्राक्ष पेंडेंट कालाग्नि के रूप में संसार में स्थापित है।

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अभिमंत्रित: फ्री अभिमन्त्रण पंडित सूरज शास्त्री जी द्वारा

प्राचीन काल से ही यह माना जाता है की पंचमुखी रुद्राक्ष में महादेव शिव के पांच देव रूप है तथा यह भी कहा जाता है की यह पांचो देव रूप पंचमुखी रुद्राक्ष में निवास करते है। पंचमुखी रुद्राक्ष पेंडेंट कालाग्नि के रूप में संसार में स्थापित है।

यही एकमात्र ऐसा रुद्राक्ष है जिस पर भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु, भगवान गणेश, सूर्य भगवान व शक्ति की प्रतीक माँ भगवती की असीम कृपा होती है। कालाग्नि नाम से विख्यात यह रुद्राक्ष रूद्र-स्वरुप ही है। 

कौन धारण कर सकता है पंचमुखी रुद्राक्ष पेंडेंट

पंचमुखी रुद्राक्ष पेंडेंट किसी भी राशि के जातक धारण कर सकते है परन्तु मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, तथा मीन लग्न के जातकों के लिए यह रुद्राक्ष बहुत ही लाभकारी होता है।

पंचमुखी रुद्राक्ष पेंडेंट के लाभ

  • अगर आपकी कुंडली में गुरु ग्रह अशुभ स्थिति में बैठे हुए है, तो ऐसी स्थिति में गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए पंचमुखी रुद्राक्ष पेंडेंट अवश्य धारण करना चाहिए।
  • इस रुद्राक्ष के प्रभाव से निर्धनता, दरिद्रता ख़त्म हो जाती है, जीवन में धन का आगमन होता है, जीवन में खुशहाली आती है।
  • इस रुद्राक्ष के प्रभाव से दाम्पत्य जीवन में खुशहाली आती है, पति-पत्नी के बीच परस्पर संबंधो में मधुरता देखने को मिलती है।
  • पंचमुखी रुद्राक्ष पेंडेंट धारण करने के बाद आत्मविश्वास, मनोबल तथा ईश्वर के प्रति श्रध्दा बढ़ती है।
  • ह्रदय रोगियों के लिए तो यह रुद्राक्ष रामबाण ही है, जो जातक ह्रदय रोग से परेशान है उनको पंचमुखी रुद्राक्ष पेंडेंट अवश्य धारण करना चाहिए।
  • अकाल मृत्यु से बचने के लिए पंच मुखी रुद्राक्ष से महामृत्यंजय मंत्र का जाप करने से बचाव होता है।

धारण विधि

पंचमुखी रुद्राक्ष सोमवार के दिन धारण करना चाहिए। पंचमुखी रुद्राक्ष को धारण करने से पूर्व ॐ ह्रीं नमः  मंत्र का 11 बार जाप करने से भगवान कालाग्नि रूद्र की कृपा जातक पर बनी रहती है।  

हमसे क्यों लें               

पंचमुखी रुद्राक्ष को हमारे पंडितजी द्वारा अभिमंत्रित करने के बाद ही आपके पास भेजा जाएगा, जिसके फल स्वरुप आपको अति शीघ्र इस रुद्राक्ष का पूर्ण लाभ मिल सके।

 

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