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11 मुख्‍ाी रूद्राक्ष

11 मुख्‍ाी रूद्राक्ष

भगवान शिव का रुद्र रूप है ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष। ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष को शिखा में बांधना या गले में धारण करना चाहिए।

 
डिलीवरी: 3-4 दिनों में डिलीवरी
मुफ़्त शिपिंग: पूरे भारत में
फ़ोन पर ख़रीदें: 82852 82851
अभिमंत्रित: फ्री अभिमन्त्रण पंडित सूरज शास्त्री जी द्वारा

विवरण

आकार :गोलाकार
वजन (ग्राम) :3.0 to 4.0 (Approx)
माप :17mm (Approx)
सर्टिफिकेशन:Astrovidhi
उत्‍पत्ति :नेपाली रूद्राक्ष

भगवान शिव का रुद्र रूप है ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष। ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष को शिखा में बांधना या गले में धारण करना चाहिए।

ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष को भगवान इंद्र का स्‍वरूप भी माना जाता है।

ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष के लाभ

  • ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने और नियमित इससे मंत्र का जाप करने से अश्‍वमेघ यज्ञ जितना फल प्राप्‍त होता है।
  • ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष से सबसे ज्‍याद व्‍यापारियों को लाभ मिलता है क्‍योंकि इससे आय के स्रोत खुलते हैं और व्‍यापार में वृद्धि होती है एवं नए अवसर प्राप्‍त होते हैं।
  • यदि आप किसी रोग से मुक्‍ति पाना चाहते हैं तो आपको ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष से लाभ होगा।
  • इस ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने वाले व्‍यक्‍ति को राजनीति, कूटनीति और हर क्षेत्र में विजय हासिल होती है।
  • संतान प्राप्‍ति की इच्‍छा रखते हैं या पति की तबियत खराब रहती है तो ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करें।

कैसे करें प्रयोग

ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष को सोमवार, शुक्रवार या एकादशी के दिन ही धारण करना चाहिए। इस रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र “ॐ ह्रीं हूं नमः” है।

इसके पश्‍चात् तीन माला का “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। इससे आपको ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष का दस गुना अधिक लाभ प्राप्‍त होगा।

हमसे क्‍यों लें

ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष को हमारे पंडितजी द्वारा अभिमंत्रित कर के आपके पास भेजा जाएगा जिससे आपको शीघ्र अति शीघ्र इसका पूर्ण लाभ मिल सके।

 

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