महालक्ष्मी को अतिप्रिय है यह, ऐसे करें इसकी पूजा

महालक्ष्‍मी को अतिप्रिय हैं

शंख महालक्ष्‍मी को अतिप्रिय हैं। कहते हैं कि समुद्र मंथन के समय समुद्र से शंख की उत्‍पत्ति भी हुई थी जिसके बाद समुद्र से मां लक्ष्‍मी का अवतरण हुआ था। इस नाते शंख को मां लक्ष्‍मी का भाई कहा जाता है। मां लक्ष्‍मी के पति भगवान विष्‍णु के हाथ में भी सदा शंख रहता है। मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करने के लिए शंंख का प्रयोग किया जा सकता है। धन प्राप्‍ति के लिए भी शंख के कई उपाय प्रसिद्ध हैं।

मां लक्ष्‍मी के स्‍वरूप दक्षिणावर्ती शंख प्राप्‍त करने के लिए यहां क्‍लिक करें

शंख के प्रकार

– जो शंख दाहिने हाथ से पकड़ा जाता है या जिस शंख का उदर दक्षिण दिशा की ओर हो उसे दक्षिणावृत्ति शंख कहते हैं।

Monthly Horoscope

– वहीं जिस शंख का मुंह बीच में खुलता है वह मध्‍यावृत्ति शंख कहलाता है।

अन्‍य प्रकार

– जिस शंख को बाएं हाथ में पकड़ा जाता है उसे वामावृत्ति शंख कहते हैं।

– मां लक्ष्‍मी को सबसे ज्‍यादा प्रिय दक्षिणामुखी शंख है। दक्षिणामुखी शंख धन लाभ के लिए भी अत्‍यंत उपयोगी होता है।

Weekly Horoscope

शंख के अन्य प्रकार 

लक्ष्मी शंख, गोमुखी शंख, कामधेनु शंख, विष्णु शंख, देव शंख, चक्र शंख, पौंड्र शंख, सुघोष शंख, गरूड़ शंख, मणिपुष्पक शंख, राक्षस शंख, शनि शंख, राहु शंख, केतु शंख, शेषनाग शंख, कच्छप शंख, गोमुखी शंख, पांचजन्य शंख, अन्नपूर्णा शंख, मोती शंख, हीरा शंख, शेर शंख आदि प्रकार के होते हैं।

 

शंख रखने के क्‍या फायदे हैं

– मान्‍यता है कि जिस घर में शंख होता है वहां मां लक्ष्‍मी वास करती हैं।

– शंख बजाने से आसपास का पूरा वातावरण पवित्र हो जाता है। जहां तक इसकी आवाज़ गूंजती है वहां तक लोगों के विचार सकारात्‍मक हो जाते हैं।

मां लक्ष्‍मी के स्‍वरूप दक्षिणावर्ती शंख प्राप्‍त करने के लिए यहां क्‍लिक करें

Monthly Horoscope

धन की प्राप्‍ति

– ब्रह्मवैवर्त पुराण में कहा गया है कि शंख में जल रखने और इसे छ‍िड़कने से वातावरण शुद्ध होता है।

– शंख के जल से भगवान शिव, मां लक्ष्‍मी और भगवान विष्‍णु का अभिषेक करने से धन की प्राप्‍ति होती है।

कीटाणु और रोगाणु नष्‍ट हो जाते हैं

– शंख की आवाज़ से हवा में मौजूद कई कीटाणु और रोगाणु नष्‍ट हो जाते हैं। सेहत के लिए भी शंख काफी लाभकारी है।

हिंदू पंचांग 2019 पढ़ें और जानें वर्ष भर के शुभ दिन, शुभ मुहूर्त, विवाह मुहूर्त, ग्रह प्रवेश मुहूर्त और भी बहुत कुछ।

– शंख बजाने से फेफड़ों का व्यायाम होता है। पुराणों के जिक्र मिलता है कि अगर श्वास का रोगी नियमि‍त तौर पर शंख बजाए, तो वह बीमारी से मुक्त हो सकता है।

किसी भी जानकारी के लिए Call करें :  8285282851

ज्‍योतिष से संबधित अधिक जानकारी और दैनिक राशिफल पढने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को Like और Follow करें : Astrologer on Facebook

4/5 - (11 votes)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here