व्यापार वृद्धि यंत्र
व्यापार वृद्धि यंत्र को धनदाता और सर्वसिद्धिदाता कहा गया है। यह एक चमत्कारिक यंत्र है जिसके प्रभाव से आपके व्यापार में दिन-दूनी-रात चौगुनी वृद्धि होती है। व्यापार संबंधी अड़चनों को दूर कर ये यंत्र आपके आय के मार्ग प्रशस्त करता है। आइए जानते हैं व्यापार वृद्धि यंत्र की कुछ खास बातें – :
महत्व
इस यंत्र को दुकान में स्थापित करने और नियमित पूजा करने से आपके व्यापार में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है, धन का आगमन होता है और आय के मार्ग प्रशस्त होते हैं। इस यंत्र की अचल प्रतिष्ठा करके अपने पास रखने से व्यापारियों को अनेक तरह से व्यापार में लाभ होता है।
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उपयोग
कोई नया व्यापार शुरु करना चाहते हैं या आपके व्यापार के क्षेत्र में नुकसान हो रहा है तो ये व्यापार वृद्धि यंत्र आपके लिए मंगलकारी सिद्ध होगा। व्यापार में सफलता पाने हेतु और दरिद्रता को दूर करने के लिए भी व्यापार वृद्धि यंत्र शुभ प्रभाव देता है। यदि आपको लगातार प्रयास करने के बावजूद भी घाटा हो रहा है तो व्यापार वृद्धि यंत्र को अपने दुकान की पूर्व या उत्तर दिशा में स्थापित करें।
किस रूप में है शुभ
व्यापार वृद्धि यंत्र तांबें, चांदी, सोने और स्फटिक में मिलता है लेकिन सोने और स्फटिक का यंत्र सर्वोत्कृष्ट माना जाता है।
स्थापना विधि
शुक्ल पक्ष के किसी भी दिन शुभ मुहूर्त में व्यापार वृद्धि यंत्र की पूजा करें और इस पर इत्र से छिड़काव करें। इसके पश्चात् धूप, दीप और नैवेद्य दें और विधिपूर्वक पूजन करें। व्यापार वृद्धि यंत्र की पूजा फूल, लड्डू, नारियल इत्यादि से करनी चाहिए। विधिवत् प्राण प्रतिष्ठा किया गया व्यापार वृद्धि यंत्र व्यापार और सुख-समृद्धि से संबंधित सभी प्रकार के कष्टों का निवारण करता है।
व्यापार वृद्धि मंत्र
‘ऊं श्री ह्रीं क्लीं महालक्ष्मै नम:।‘
‘ऊं महालक्ष्म्यै विदमहे महाश्रियं च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोद्यात।’
‘ऊं या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता।’
‘नमतस्यै नमतस्यै नमर्तस्य नमो नम:।’
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