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Yellow Sapphire Ring for Pisces

Yellow Sapphire Ring for Pisces

पुखराज बहुमूल्य रत्नों में से एक है। इस रत्न की रंगत पलाश के फूलों के जैसी होती है। इस रत्न का संबंध गुरु ग्रह से होता है। यह गुरु ग्रह के प्रभाव को बढ़ाने वाला ग्रह होता है। यह धनु तथा मीन राशि वालों का प्रतिनिधित्व करता है। यह रत्न ज्ञान में वृद्धि कराता है।

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Free Shipping: All over India
Order on Call: +91 82852 82851
Energization: Free Energizaton by Pt. Suraj Shastri

Specification

Stone Weight:5.25 Ratti
Certification:VEGGA Jaipur
Metal : Panch Dhatu
Ring Weight: 3.5 to 5 Gms
Ring Size :Adjustable (Free Size)

पुखराज बहुमूल्य रत्नों में से एक है। इस रत्न की रंगत पलाश के फूलों के जैसी होती है। इस रत्न का संबंध गुरु ग्रह से होता है। यह गुरु ग्रह के प्रभाव को बढ़ाने वाला ग्रह होता है। यह धनु तथा मीन राशि वालों का प्रतिनिधित्व करता है। यह रत्न ज्ञान में वृद्धि कराता है।

राजनीतिज्ञ, न्यायाधीश, सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को यह रत्न धारण करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। उच्च पदाधिकारी इस रत्न को धारण कर लाभान्वित होते है।

पुखराज के लाभ

  • यह रत्न सोचने-समझने की शक्ति को बढाता है, अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत देता है।
  • फ़िल्मी क्षेत्र के कलाकारों के लिए यह लाभदायक होता है, नाम, प्रसिद्धि मिलती है।
  • इस रत्न को पुत्र प्राप्ति के लिए धारण किया जाता है।
  • जिन कन्याओं के विवाह में देरी होती है, या किसी प्रकार की रुकावटें आती है, उनको पुखराज धारण करने से लाभ होता है, विवाह जल्दी होता है।
  • इस रत्न के प्रभाव से पेट से सम्बंधित बीमारियों से छुटकारा मिलता है।
  • धन की कमी को दूर करने के लिए यह रत्न असरदार होता है।
  • हड्डी का दर्द, काली खांसी, पीलिया, बुखार, चर्म रोग आदि में यह रत्न लाभदायक होता है।
  • न्यायालय से सम्बंधित कार्य करने वाले लोगों के लिए यह रत्न लाभदायक होता है।

कौन धारण कर सकता है पुखराज

  • वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर कुम्भ राशि व लग्न वालों को इस रत्न से बचना चाहिए, अन्यथा जन्म कुंडली में गुरु की स्थिति को देखकर पुखराज धारण करना चाहिए।
  • मेष लग्न वालों के लिए गुरु भाग्य यानी नवम भाव का स्वामी होता है, इसकी अशुभता में भाग्य में कमी आती है, अतः भाग्यवृद्धि के लिए इसे पहन सकते है।
  • कर्क लग्न वालों के लिए गुरु भाग्येश के साथ षष्टेश भी होता है, इसलिए पुखराज धारण करना शुभ होता है।
  • सिंह लग्न वालों के लिए गुरु पंचम भाव का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए विद्या तथा मनोरंजन के क्षेत्र से जुड़े हुए लोगों के लिए पुखराज लाभदायक होता है।

धारण विधि

पुखराज की अंगूठी शुक्ल पक्ष में गुरुवार के दिन सूर्योदय के पश्चात् गुरु के मन्त्रों का 11 बार जाप करने के बाद धारण करे। धारण करने से पूर्व इस अंगूठी पर दूध, गंगाजल, शहद का छींटा लगा दें। उसके पश्चात् गुरु देव के नाम की पांच अगरबत्तियां जलाएं और प्रार्थना करें की हे गुरु देव, मैं आपका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यह अंगूठी धारण कर रहा हूँ, मुझे अपना आशीर्वाद प्रदान करें तथा 11 बार अगरबत्ती के ऊपर से अंगूठी घुमाते हुए ॐ ब्रह्म बृह्स्पतिये नम:  का जाप करें, उसके बाद यह अंगूठी तर्जनी अंगूली में  धारण करें।

हमसे क्यों ले

पुखराज की अंगूठी को हमारे ज्योतिषाचार्यों ने गुरु के मन्त्रों द्वारा अभिमंत्रित किया है, जिसके प्रभाव से जल्द ही आपको शुभ फल मिलते है। इस अंगूठी के साथ सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा, जो इस रत्न के ओरिजनल होने का प्रमाण है।

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