Subscribe Daily Horoscope

Congratulation: You successfully subscribe Daily Horoscope.
 

वास्तु पिरामिड

वास्तु पिरामिड

पिरामिड का अर्थ शक्ति एवं ऊर्जा से है।  यह पिरामिड ब्रह्मांड की ऊर्जा को आकर्षित करते है। ग्रीक भाषा में पायर शब्द का अर्थ है ‘अग्नि’ और मिड का अर्थ है ‘केंद्र’ अर्थात त्रिभुजाकार आकृति जिसमे अग्नि ऊर्जा का केंद्र है। अग्नि एक प्रकार की ऊर्जा ही होती है। वास्तु पिरामिड वास्तु दोष को समाप्त करने के लिए ही बनाया गया है। 

डिलीवरी: 3-4 दिनों में डिलीवरी
मुफ़्त शिपिंग: पूरे भारत में
फ़ोन पर ख़रीदें: +91 82852 82851
अभिमंत्रित: फ्री अभिमन्त्रण पंडित सूरज शास्त्री जी द्वारा

पिरामिड का अर्थ शक्ति एवं ऊर्जा से है।  यह पिरामिड ब्रह्मांड की ऊर्जा को आकर्षित करते है। ग्रीक भाषा में पायर शब्द का अर्थ है ‘अग्नि’ और मिड का अर्थ है ‘केंद्र’ अर्थात त्रिभुजाकार आकृति जिसमे अग्नि ऊर्जा का केंद्र है। अग्नि एक प्रकार की ऊर्जा ही होती है। वास्तु पिरामिड वास्तु दोष को समाप्त करने के लिए ही बनाया गया है। 

जिस घर में वास्तु पिरामिड होता है उस घर में आवास करने वाला जातक दीर्घायु, निरोगी और अच्छे धार्मिक विचारों वाला हो जाता है। अपने घर या कार्यस्थल में वास्तु पिरामिड की स्थापना करने से वास्तुदोष पूर्णतः दूर हो जाता है। सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है तथा मन में धार्मिक विचार उत्पन्न होते है।

आइए जानते है वास्तु पिरामिड के लाभों के बारे में

  • धर्म और आध्यात्म में वृद्धि होती है। मन ईश्वर भक्ति में विलीन हो जाता है।
  • एकाग्रता और स्मरणशक्ति में वृद्धि देखने को मिलती है।
  • शत्रु नाश के लिए इस पिरामिड की स्थापना अपने घर में अवश्य करनी चाहिए।
  • बच्चों की बुद्धि के विकास के लिए यह पिरामिड बहुत ही लाभकारी होते है, इसके प्रभाव से उनकी बुद्धि का विकास होता है और शीघ्र पढ़ा हुआ याद हो जाता है।
  • इसके प्रभाव से घर का वातावरण तरोताजा तथा खुशनुमा बना रहता है।
  • इस पिरामिड के प्रभाव से मानसिक शांति मिलती है, घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती।
  • कार्यस्थल में भी अगर इस पिरामिड की स्थापना करते है तो कामकाज में तरक्की होती है, मनवांछित लाभ होता है।

क्या है इसकी खासियत

वास्तु दोष दूर कर आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए तथा व्यापार में वृद्धि के लिए किसी भी शुभ मुहूर्त में वास्तु पिरामिड लक्ष्मी के मन्त्रों से अभिमंत्रित करके घर के ईशान कोण या उत्तर दिशा में रखने से धन की बरकत होती है तथा व्यापार में दिन दुगनी रात चौगुनी तरक्की होती है।

हमसे क्यों लें 

इस वास्तु पिरामिड को हमारे अनुभवी ज्योतिषों द्वारा अभिमंत्रित किया गया है, जिससे आपको जल्दी ही शुभ फल मिलता है तथा वास्तु दोष पूर्णतः ख़त्म हो जाता है, आप सुखी जीवन व्यतीत करते है।

 

Reviews

Based on 0 reviews

Write a review