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पारस अंगूठी (Paras Anguthi)

पारस अंगूठी (Paras Anguthi)

पारस नाम ही अपने आप में इतना प्रभावशाली है, और उसपर यह कछुए के आकार वाली अंगूठी जिसको नवरत्नों से जड़ित करके हमारे आचार्यों द्वारा अभिमंत्रित किया गया है जिस से कोई भी जातक इसको धारण करता है तो उसको संबंधति फल मिलने लगते हैं. जैसे धन संपत्ति में बरकत और अटका हुआ या रुका हुआ पैसा भी आपको प्राप्त होता है.

डिलीवरी: 3-4 दिनों में डिलीवरी
मुफ़्त शिपिंग: पूरे भारत में
फ़ोन पर ख़रीदें: +91 82852 82851
अभिमंत्रित: फ्री अभिमन्त्रण पंडित सूरज शास्त्री जी द्वारा

पारस नाम ही अपने आप में इतना प्रभावशाली है, और उसपर यह कछुए के आकार वाली अंगूठी जिसको नवरत्नों से जड़ित करके हमारे आचार्यों द्वारा अभिमंत्रित किया गया है जिस से कोई भी जातक इसको धारण करता है तो उसको संबंधति फल मिलने लगते हैं. जैसे धन संपत्ति में बरकत और अटका हुआ या रुका हुआ पैसा भी आपको प्राप्त होता है.

पुराणों के आधार पर समुद्र मंथन के दौरान भगवान विष्‍णु ने कछुए का रूप धारण किया था और इसी कारण शास्‍त्रों और हिंदू धर्म में कछुए का बहुत महत्‍व है। वास्‍तु के अनुसार जिस घर में कछुए से संबंधित कोई भी वस्‍तु होती है वहां पर कभी भी धन की कमी नहीं होती। कछुए की आकृति वाली पारस अंगूठी धारण करने से जीवन के धन संपत्ति से संबधिंत सारे कष्‍ट दूर हो जाते हैं।

पारस अंगूठी के लाभ

  • पारस अंगूठी धारण करने से भगवान विष्‍णु के साथ-साथ मां लक्ष्‍मी भी प्रसन्‍न होती हैं और इसे धारण करने वाले व्‍यक्‍ति को जीवन में कभी भी धन की कमी महसूस नहीं होती है।
  • वास्‍तु में भी पारस अंगूठी का बहुत महत्‍व है। यदि आप इस अंगूठी को पहनते हैं तो आपके घर-परिवार से सारे वास्‍तुदोष दूर हो जाते हैं। ये चमत्‍कारिक पारस अंगूठी धारणकर्ता को वास्‍तुदोष से मुक्‍त करती है। 
  • यह पारस अंगूठी शुद्ध धातु से निर्मित है और इसमें नवरत्न जड़े गए हैं और इसको हमारे आचार्यों द्वारा सिद्ध और अभिमंत्रित किया गया है जो आपके घर में सुख और समृद्धि लेकर आती है।

पारस अंगूठी कैसे धारण करें  

  • ध्यान रखें यह अंगूठी अभिमंत्रित एवं सिद्ध की गई है.
  • शनिवार को छोड़ कर किसी भी दिन सुबह नहाकर इस अंगूठी को अपने इष्टदेव या लक्ष्मी जी की प्रतिमा के सामने बैठ कर इसको धारण करें. शुक्रवार को धारण करने से और अच्छे फल मिलते हैं.
  • इस अंगूठी को सीधे हाथ में ही पहना जाता है। सीधे हाथ की मध्यमा या तर्जनी अंगुली में इसे पहनें।

हमसे क्यों लें 

हमारे यहाँ प्रत्येक अंगूठी को हमारे अनुभवी आचार्यों द्वारा अभिमंत्रित किया जाता है. अभी आर्डर करें और खुशहाल जीवन की शुरुवात करें।

 

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