दशमी तिथि पर मृत्यु होने वाले पूर्वजों और संबंधियों का श्राद्ध दशमी तिथि पर संपन्न किया जाता है। इसके अंतर्गत शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दशमी को मृत्यु को प्राप्त हुए पूर्वजों का श्राद्ध करने का विधान है। दशमी श्राद्ध 15 सितंबर, 2017 को है। दशमी श्राद्ध को दसामी श्राद्ध भी कहा जाता है।
पितृ पक्ष श्राद्ध, पार्वण श्राद्ध है और इसे संपन्न करने का शुभ समय कुटुप मुहूर्त और रोहिणा है। मुहूर्त के शुरु होने के बाद आप अपराह्रन काल के खत्म होने के मध्य किसी भी समय श्राद्ध क्रिया संपन्न कर सकते हैं। श्राद्ध के अंत में तर्पण किया जाता है।
सुख समृद्धि के लिए धारण करें अभिमंत्रित रुद्राक्ष
श्राद्ध का शुभ समय :
कुतुप मुहूर्त : 11.51 से 12.40
समयावधि : 48 मिनट
रोहिणा मुहूर्त : 12.40 से 13.29
समयावधि : 48 मिनट
अपराह्रन काल : 13.29 से 15.55
समयावधि : 2 घंटे 25 मिनट
दशमी तिथि की शुरुआत : 14 सितंबर, 2017 को 20.36 बजे आरंभ
दशमी तिथि का समापन : 15 सितंबर, 2017 को 18.29 बजे समाप्त

मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुम्भ
मीन 










