मान्यता है कि सावन के महीने में ही देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। तभी से भगवान शिव ने वरदान दिया था कि जो कन्या सावन के सोमवार में उनका व्रत रखेगी वे उसे मनचाहे जीवनसाथी का वरदान देंगें।
सभी जानते हैं कि सावन मास को सर्वोत्तम मास कहा जाता है और यह मास शिव भगवान् को समर्पित है। सभी कन्याएं शिव भगवान् के स्वरुप वर की कामना करती है परन्तु ज्योतिषीय कारणों की वजह से भी किसी जातक के विवाह में देरी हो सकती है, अगर किसी की बेटी की शादी में बार-बार कोई रुकावट या बाधा आ रही है तो सावन के महीने में शादी से संबंधित ग्रह योगों के उपाय करवाने से शादी के लिए अनुकूल परिस्थितियां उत्पन्न की जा सकती हैं।
तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे ज्योतिषीय उपायों के बारे में बताते हैं जो केवल सावन के महीने में करने से ही आपकी बेटी के विवाह की बाधाएं दूर होंगीं।
कुंडली दिखाएं
कोई अच्छा वर ना मिल पाने का संबंध लड़की की कुंडली से होता है। कुंडली देखकर पता करें कि किस ग्रह या योग की वजह से योग्य वर नहीं मिल पा रहा है। विवाह में बाधा उत्पन्न करने वाले ग्रहों की पहचान कर सावन के पवित्र महीने में उस ग्रह से संबंधित व्रत, दान, जप आदि करवाएं। पितृ दोष की शांति करवाएं।
अभिमंत्रित रुद्राक्ष प्राप्त करें
हल्दी का जल चढ़ाएं
अगर आप सुयोग्य वर पाना चाहती हैं तो सावन के महीने में गुरुवार के दिन हल्दी मिले जल को केले के पेड़ पर चढ़ा दें। इसके आगे घी का दीपक जलाएं और गुरु के मंत्र – ऊं ऐं क्लीं बृहस्पतये नम: का जाप करें। गुरुवार के दिन केलों का सेवन ना करें।
इस तरह सोएं
सुयोग्य वर की कामना करने वाली कन्याओं को सावन के महीने में घर की बायीं ओर सोना चाहिए ऐसा करने से मनवांछित वर की प्राप्ति होती है।
सावन मास में इस मंत्र का करें जाप
- शीघ्र विवाह हेतुऊं ह्नीं कुमाराय नम:स्वाहा मंत्र का जाप करें। सावन में जितने भी सोमवार आते है तब नियमित पारद शिवलिंग के पास बैठकर इस मंत्र का जाप करें। सावन में सोमवार के दिन 21 माला मंत्र का जाप करने से अवश्य लाभ होगा।
- सावन के माह में किये गए इन उपायों की मदद से आप अपने लिए सुयोग्य वर अवश्य पा सकती हैं।

मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुम्भ
मीन 










