पितृ पक्ष में ऐसे करें एकादशी तिथि पर श्राद्ध

एकादशी तिथि पर मृत्‍यु होने वाले पूर्वजों और संबंधियों का श्राद्ध एकादशी तिथि पर संपन्‍न किया जाता है। इसके अंतर्गत शुक्‍ल पक्ष और कृष्‍ण पक्ष एकादशी को मृत्‍यु को प्राप्‍त हुए पूर्वजों का श्राद्ध करने का विधान है।

एकादशी श्राद्ध 16 सितंबर, 2017 को है। एकादशी श्राद्ध को ग्‍यारस श्राद्ध भी कहा जाता है।

पितृ पक्ष श्राद्ध, पार्वण श्राद्ध है और इसे संपन्‍न करने का शुभ समय कुटुप मुहूर्त और रोहिणा है। मुहूर्त के शुरु होने के बाद आप अपराह्रन काल के खत्‍म होने के मध्‍य किसी भी समय श्राद्ध क्रिया संपन्‍न कर सकते हैं। श्राद्ध के अंत में तर्पण किया जाता है।

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श्राद्ध का शुभ समय :

कुतुप मुहूर्त : 11.51 से 12.40

समयावधि : 48 मिनट

रोहिणा मुहूर्त : 12.40 से 13.28

समयावधि : 47 मिनट

अपराह्रन काल : 13.28 से 15.54

समयावधि : 2 घंटे 25 मिनट

एकदशी तिथि की शुरुआत : 15 सितंबर, 2017 को 18.29 बजे आरंभ

एकादशी तिथि का समापन : 16 सितंबर, 2017 को 16.30 बजे समाप्‍त

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इस बार श्राद्ध पक्ष पर अपने पूर्वजों को प्रसन्‍न कर उनका आशीर्वाद जरूर लें।

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