गुरुवार के दिन ये उपाय करने से आपके घर में कभी नहीं होगी धन की कमी

महीने का पहला गुरुवार कंगाली के दिन दूर कर सकता है। गुरुवार का दिन बृहस्‍पति देव को समर्पित होता है। अगर वो एक बार आपसे प्रसन्‍न हो जाएं तो आपको मालामाल कर सकते हैं। बृहस्‍पति ग्रह केवल संपन्‍नता ही नहीं देता बल्कि जीवन के अन्‍य पहलुओं में भी खुशियां भर देता है।

देवों के गुरु बृहस्‍पति सौरमंडल के नवग्रहों में से सबसे बड़ा ग्रह है। गुरु को अन्‍य ग्रहों की तुलना में सबसे अधिक उदार माना जाता है। अगर किसी व्‍यक्‍ति पर गुरु की कृपा पड़ जाए तो उसका जीवन सकारात्‍मक चीज़ों से भर जाता है।

गुरु ग्रह शिक्षा का कारक हैं इसलिए इनकी कृपा से जातक को शिक्षा के क्षेत्र में अपार सफलता मिलती है। जिस व्‍यक्‍ति की कुंडली में गुरु प्रबल हो वह शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बना सकता है।

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गुरुवार के उपाय

महीने का पहला गुरुवार यानि देव गुरु बृहस्‍पति का दिन आपको मालामाल बना सकता है। जी हां, ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार महीने के पहले गुरुवार को ये उपाय करने से आपकी कंगाली दूर हो सकती है।

हत्‍था जोड़ी

आपको गुरुवार के दिन हत्‍था जोड़ी को अपनी तिजोरी में विधिपूर्वक स्‍थापना करनी है। अब आप सोच रहें होंगें कि हत्‍था जोड़ी होती क्‍या है और ये किस प्रकार आपको मालामाल बना सकती है। तो आइए हम आपको बताते हैं कि हत्‍था जोड़ी क्‍या होती है।

सुख और समृद्धि

हत्‍था जोड़ी एक पौधे की चमत्‍कारिक जड़ है जो आपके जीवन को सुख और समृद्धि से भर सकती है। हत्‍था जोड़ी तब तक अपना असर नहीं दिखाती जब तक की इसका विधिपूर्वक पूजन न किया जाए। आइए जानते हैं हत्‍था जोड़ी को सिद्ध करने की विधि -:

ऐसे करें हत्‍था जोड़ी की पूजा

सबसे पहले हत्‍था जोड़ी को पंचामृत में रखें और सके पश्‍चात् इसे स्‍वच्‍छ जल से साफ करें। अब हत्‍था जोड़ी का पंचोपचार पूजन करने के बाद इसे कपूर और लौंग के साथ एक से दो दिन के लिए रख दें।

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अब एक जार में तिल का तेल भरें और उसमें हत्‍था जोड़ी को डुबो दें। तेल कम होने पर जार में तेल डालते रहें। जब तेल कम होना बंद हो जाए तो शुभ समय में इसे निकालकर पूजन करें।

अब मां लक्ष्‍मी के चित्र के आगे तांबे के लोटे में जल भरकर रखें और सर्वप्रथम भगवान गणेश और गुरु की पूजा करें। इसके बाद हत्‍था जोड़ी का इत्र, चावल, लाल फूल से पूजन करें और केसर की एक जोड़ी लौंग के साथ अर्पित करें।

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लाल रंग की मिठाई का भोग

अब हत्‍था जोड़ी को धूप-दीप और नैवेद्य दें। लाल रंग की मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद हत्था जोड़ी को सिंदूर लगाकर उसके सामने 108 बार ‘ऐं क्‍लीं क्‍लीं स्वाहा’ ये मंत्र बोलें और एक लाल कपड़े में बांधकर हत्था जोड़ी को अपने साथ रखें।

हत्‍था जोड़ी तभी अपना शुभ फल देती है जब उसे सिद्ध किया गया हो। हत्‍था जोड़ी को विभिन्‍न तांत्रिक मंत्रों से अभिमंत्रित करने के बाद प्रयोग किया जाता है।

मंत्र का करें जाप

बृहस्‍पति देव को प्रसन्‍न करने के लिए आप इन चमत्‍कारिक मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं -:

ऊं बृं बृहस्‍पतये नम:।

ऊं क्‍लीं बृहस्‍पतये नम:।

ऊं ग्रां ग्रीं स: गुरवे नम:।

ऊं ऐं श्रीं बृहस्‍पतये नम:।

ऊं गुं गुरवे नम:। 

वैवाहिक सुख के लिए करें ये उपाय

दांपत्‍य जीवन में सुख और प्रेम बनाए रखने के लिए विवाहित स्त्रियां गुरुवार के दिन हल्‍दी के उबटन से स्‍नान करें। हल्‍दी बृहस्‍पति का प्रतीक है एवं गुरुवार के दिन हल्‍दी का प्रयोग करने से आपको अवश्‍य ही लाभ होगा।

इनका करें दान

बृहस्‍पति देव को प्रसन्‍न करने के लिए गुरुवार के दिन गुरु से संबंधित पीले रंग की वस्‍तुओं जैसे पीले रंग के वस्‍त्र, पीले फल इत्‍यादि का दान करें। जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में मुश्किलें आ रही है या अगर किसी के विवाह में बेवजह देरी आ रही है तो वो लोग बृहस्‍पतिवार का व्रत रखें। बृहस्‍पति देव विवाह के कारक हैं एवं इनका पूजन करने से विवाह संबंधी सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

पुखराज रत्‍न

बृहस्‍पति देव को प्रसन्‍न करने के लिए आप पुखराज रत्‍न भी धारण कर सकते हैं। ध्‍यान रहे कोई भी रत्‍न धारण करने से पहले उसे उसके अधिष्‍ठाता ग्रह के मंत्रों से अभिमंत्रित करना बहुत जरूरी होता है इसलिए आप अभिमंत्रित पुखराज रत्‍न AstroVidhi से भी प्राप्‍त कर सकते हैं।

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