हिंदू धर्म में कई त्योहारों और पर्वों का उल्लेख किया गया है जिसमें कुंभ संक्रांति का बहुत महत्व है। इस बार ये संक्रांति 13 फरवरी, 2018 मंगलवार के दिन पड़ रही है। यह पर्व फाल्गुन कृष्ण द्वितीया तिथि को मनाई जाती है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यह संक्रांति अनेक तरह के पापों के प्रायश्चित और नाश करने वाली होती है। इस शुभ दिन पर पवित्र नदियों और तालाबों में स्नान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पुराणों में इस दिन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है।
कुंभ संक्रांति का महत्व
सालभर में 12 संक्रांतियां आती हैं और इन सभी तिथियों पर दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। इन सभी संक्रांतियों में मकर संक्रांति सबसे ज्यादा श्रेष्ठ मानी जाती है। इसके बाद सूर्य-कुंभ संक्रांति को महत्वपूर्ण माना जाता है। जो भी व्यक्ति इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सूर्य देव की उपासना और उन्हें अर्घ्य देता है उसे अपने जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होती है। इस उपाय से जीवन के अनेक दोष भी समाप्त हो जाते हैं।
सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
कुंभ संक्रांति पर दान से मिलेगा लाभ
इस दिन दान करने से अंत काल में उत्तम धाम की प्राप्ति होती है। अगर इस शुभ दिन पर बीज मंत्र का जाप किया जाए तो मनुष्य को अपने दुखों से छुटकारा शीघ्र मिल जाता है। कुंभ संक्रांति पर आदित्य ह्रदय स्रोत का पाठ भी किया जा सकता है। इस पाठ से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं। इस शुभ दिन पर विधि-विधान से पूजा करने पर उस घर-परिवार में किसी भी सदस्य के ऊपर कोई मुसीबत या रोग नहीं आता है। साथ ही भगवान आदित्य के आशीर्वाद से जीवन के अनेक दोष भी दूर हो जाते हैं। इससे प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में भी वृद्धि होती है।
कुंभ संक्रांति का शुभ मुहूर्त
इस दिन संगम में स्नान का पुण्य है लेकिन अगर किसी भी पुण्य सलिला में स्नान कर गौ दान किया जाए उस व्यक्ति को भगवान विष्णु के चरणों में स्थान मिलता है। कुंभ संक्रांति पर गौ दान का बहुत महत्व है और इस दिन गौ दान करने से लाभ और पुण्य मिलता है। कुंभ संक्रांति में ही विश्वप्रसिद्ध कुंभ मेले का आगाज़ होता है।
2018 कुंभ संक्रांति फलम
पुण्य काल मुहूर्त : 07.05 से 12.35 तक
अवधि : 5 घंटे 30 मिनट
संक्रांति क्षण : 03.01
महापुण्य काल मुहूर्त : 07.05 से 08.55 तक
अवधि : 1 घंटा 50 मिनट
कुंभ संक्रांति पर क्या करें
- इस दिन खाद्य वस्तुओं, वस्त्रों और ब्राह्मणों को दान देने से दोगुना पुण्य मिलता है।
- मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- इस दिन सुख-समृद्धि पाने के लिए मां गंगा का ध्यान करें।
सुख-समृद्धि पाने के लिए करें ये काम
- अगर आप कुंभ संक्रांति के अवसर पर गंगा नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं तो आप यमुना, गोदावरी या अन्य किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं।
किसी भी जानकारी के लिए Call करें : 8285282851
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