केतु के अशुभ प्रभाव की वजह से खुद को कंगाल कर लेता है इंसान, जानें इसके उपाय

ज्‍योतिष शास्‍त्र में केतु को भी ग्रह की संज्ञा दी गई है। अगर किसी की कुंडली में केतु अशुभ हो जाए तो उस व्‍यक्‍ति के जीवन में सब कुछ अशुभ घटने लगता है। वो बुरी आदतों का शिकार हो जाता है और इस वजह से उसके मान-सम्‍मान में भी कमी आती है।

केतु के प्रकोप की वजह से व्‍यक्‍ति अपनी सारी पूंजी और कमाई को बर्बाद कर देता है। केतु के अशुभ प्रभाव के कारण कोइ्र व्‍यक्‍ति दुराचारी और बलात्‍कारी तक बन सकता है। इसके अलावा मुकदमे में फंसना, अनावश्‍यक झगड़े, वैवाहिक जीवन में कलह, भूत-प्रेत बाधा आदि केतु के अशुभ प्रभाव का कारण है।

कुंडली में केतु का अशुभ प्रभाव शारीरिक कष्‍ट और रोग भी देता है। इससे पथरी, गुप्‍त और असाध्‍य रोग, खांसी और पित्त विकार संबंधी रोग घेर लेते हैं। केतु को शांत करने के लिए ज्‍योतिष में कुछ उपायों का वर्णन भी किया गया है। इसके अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ये उपाय कर सकते हैं।

Janm Kundali

केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

  • हर महीने में कृष्‍ण पक्ष को शाम के समय एक कटोरी पके चावलों पर मीठी दही और काले तिल डालें। अब इसे पीपल के पेड़े के नीचे रख दें।
  • केतु के दोष के प्रभाव को कम करने के लिए महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी को व्रत रखें और इस मंत्र का जाप करें – ऊं क्‍लां क्‍लीं क्‍लूं स: केतवे नम:।।
  • कुंडली में केतु अशुभ प्रभाव दे रहा है तो रोज़ भैरव देव की पूजा करें। भैरव मंदिर में केले के पत्ते पर चावल का भोग लगाएं। शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • रोज़ शाम को गाय के घी का दीपक तुलसी के पौधे के आगे जलाएं। इस उपाय को करने से केतु के दोष शांत हो जाते हैं।
  • रविवार के दिन नौ कन्‍याओं को अपने घर बुलाकर उन्‍हें मीठी दही खिलाएं और अपने सामर्थ्‍यानुसार उन्‍हें उपहार भी भेंट करें।
  • अगर आपकी कुंडली में केतु अशुभ प्रभाव दे रहा है और इसकी वजह से आपके जीवन में कष्‍ट आ रहे हैं तो आपको अपनी जेब में हमेशा हरे रंग का रूमाल रखना चाहिए। बर्फी के चार टुकड़े बहते हुए पानी में बहा दें।

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केतु यंत्र

केतु यंत्र को विशेष रूप से केतु ग्रह की कृपा प्राप्‍त करने और इसे शांत करने के लिए बनाया गया है। विधिपूर्वक केतु यंत्र की स्‍थापना करने के बाद इसके प्रभाव से आपकी कुंडली में इस ग्रह का अशुभ प्रभाव कम हो जाएगा। अभिमंत्रित केतु यंत्र प्राप्‍त करने के लिए यहां क्लिक करें

लहसुनिया रत्‍न

संबंधित ग्रह का रत्‍न धारण करने से भी उस ग्रह को शांत किया जा सकता है। केतु का रत्‍न लहसुनिया है और इस रत्‍न को धारण करके भी आप इस ग्रह को शां‍त कर सकते हैं। अभिमंत्रित लहसुनिया प्राप्‍त करने के लिए यहां क्लिक करें

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