नीलम रत्न शनि ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। कहते हैं कि नीलम अगर धारण करने वाले के लिए शुभ हो जाए तो रंक से राजा बना देता है और अगर यह अशुभ प्रभाव देने लगे तो राजा को रंक बनाने में भी इसे देर नहीं लगती है।
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कब है पहनने की जरूरत
– अगर आपके द्वारा लिए गए सभी निर्णय गलत साबित हो रहे हैं तो नीलम रत्न आपके मन को शांत करता है।
– नीलम के प्रभाव से हर किसी को फायदा नहीं होता, यह केवल उन लोगों के लिए प्रभावकारी है जो मेहनत से अपना लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।
– नीलम रत्न धारण करने के बाद आप हर काम को गंभीरता से करते हैं।
– ऑफिस में अगर दूसरे लोग आपको डॉमिनेट करने पर तुले हैं और आपके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है तो नीलम रत्न आपके लिए है ।
अगर नीलम किसी को सूट कर जाता है तो वह इंसान दिमाग से काफी बुद्धिमान बनता है।
ध्यान रखें
इसके अलावा अगर नीलम रत्न आपके लिए अनुकूल नहीं है तो आपके हाथ-पैरों में जबर्दस्त दर्द करने लगेगा, दुनिया भर से लड़ेंगे, आपके जीवन में आपके ही गलत पैसे के प्रयोग से कंगाली आ जायेगी, विपरीत बुद्धि उत्पन्न करेगा, सब गलत निर्णय दिलवाएगा जिससे परेशानियां ख़त्म होने की बजाय बढ़ती जाएंगी।
कैसे धारण करें
नीलम को शनिवार के दिन पंचधातु या स्टील की अंगूठी में जड़वाकर सूर्यास्त से दो घंटे पहले ही बीच की अंगुली में धारण करना चाहिए। यह याद रखें कि अंगूठी में नीलम कम से कम चार रत्ती का होना चाहिए।
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