भगवान गणेश की कृपा
भगवान गणेश की कृपा से जीवन के सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है। किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले श्री गणेश जी की आराधना करना मंगलकारी माना जाता है। भगवान गणपति के आशीर्वाद से सुख की छाया हमेशा बनी रहती है। गणपति जी के अंगों में शुभता और चमत्कारी शक्तियों का वास होता है।
दरिद्रता
आपको जानकर हैरानी होगी कि गणपति जी का एक अंग ऐसा भी है जिसके दर्शन से नकारात्मकता और दरिद्रता प्राप्त होती है। जानिए, भगवान गणेश के किस अंग के दर्शन करना अशुभ माना जाता है।
पीठ के दर्शन
शास्त्रों के अनुसार गणेश जी के कानों में वैदिक ज्ञान, सूंड में धर्म, मस्तक में ब्रह्मलोक, दाएं हाथ में वरदान, बाएं हाथ में अन्न का वास होता है जिससे वह सभी जीवों का पालन करते हैं। उनके पेट में धन-संपन्नता, नाभि में ब्रह्मांड, नेत्रों में लक्ष्य तथा चरणों में सप्तलोक होते हैं। गणेश जी के इन अंगों के दर्शन करने पर भक्त को उक्त वरदान का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन शास्त्रों में गणेश जी की पीठ के दर्शन को निषेध माना गया है।
गरीबी का वास
वैदिक शास्त्रों के अनुसार गणेश जी की पीठ में दरिद्रता एवं गरीबी का वास होता है। अत: उनकी पीठ के दर्शन करने की मनाही है। इसलिए अगर आपने गलती से पीठ के दर्शन कर लिए हैं तो पुन: गणेश जी के मुख के दर्शन कर लेने चाहिए। ऐसा करने से इसका दोष समाप्त हो जाता है।
इस तरह पल में करें भगवाान गणेश को प्रसन्न
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