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अति दुर्लभ मच्छमणि (Macch Mani) करें सभी कष्ट और परेशानियों को दूर

मच्छमणि एक दुर्लभ मणि है। राहू ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए इस मणि से बेहतर और कोई मणि नहीं हैं। यह एक प्राचीन मणि होने के साथ-साथ बहुत ही दुर्लभ मणि हैं। यह धारणकर्ता को सभी प्रकार के तनावों से मुक्त कर एक सुखी जीवन व्यतीत करने की प्रेरणा देता हैं। इसे धारण करने के बाद राहू ग्रह की पीड़ा शांत होती हैं। इस मणि के बारें में लोगों को अधिक जानकारी न होने के कारण यह अधिक प्रचलन में नहीं आ सका। कलयुग में व्यक्ति का जीवन भगादौडी वाला हो गया हैं, अच्छा जीवनयापन सभी चाहते हैं परन्तु हालात सभी के लिए एक जैसे नहीं रहते, जीवन में कई बार धन-संपत्ति, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि में दिक्कते आती हैं, ऐसे में अपनी इच्छाओं की पूर्ति और उत्तम स्वास्थ्य के लिए हम आपके लिए लेकर आये हैं मच्छमणि। अगर जीवन से हताश या निराश हैं तो, इस मणि को जरुर धारण करें | 

मच्छमणि की उत्पत्ति

कहते हैं मच्छमणि श्रीलंका के समुद्र में बहुत गहरे पानी में रहने वाली मछली के पेट में बनती हैं।

पूर्णिमा की रात्रि को यह मछली समुद्र के तट पर तैरती हैं, उस समय मछुआरे मछली को अपनी टोकरी में पकड़ते हैं और अपने अनुभव से उनकों यह ज्ञात होता हैं कि कौनसी मछली के पेट में मच्छमणि है, मछली के पेट को दबाते ही मछली मणि को बाहर निकाल देती हैं और फिर मछुआरे उस मछली को पानी में वापिस छोड़ देते हैं। इस प्रकार से बड़े ही कड़े परिश्रम के बाद इस मच्छमणि की प्राप्ति होती हैं।  

मच्छमणि के लाभ

    • राहू ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए या राहू की महादशा या अन्तर्दशा चल रही हैं, तोमच्छ मणि को धारण करना लाभदायक होता हैं।
    • जो व्यक्ति राजनीति में पूर्ण रूप से सक्रिय है और सफल होने की इच्छा रखते है, उन्हें मच्छमणि जरुर धारण करना चाहिए।
    • आप भी ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीने के सपने देखते है परन्तु धन की कमी के कारण सभी सपने साकार होने से पहले ही मुरझा जाते है तो मच्छमणि आपको अवश्य धारण करना चाहिए।
    • यदि किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है, कालसर्प दोष के कारण जीवन में आए दिन नई नई मुसीबतें आ रही है, मानसिक शारीरिक तथा आर्थिक कष्ट बढ़ रहे है तो मच्छमणि रत्न अवश्य धारण करना चाहिए, इस रत्न के प्रभाव से कालसर्प दोष के कारण उत्पन्न होने वाले कष्टों का निवारण बहुत जल्दी हो जाता है।

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  • यदि कोई जातक त्वचा सम्बन्धी रोगों से परेशान है या पाचन से सम्बंधित कोई रोग बार-बार परेशान कर रहा है, खांसी या क्षय और किडनी रोग से छुटकारा चाहते है तो आपको मच्छमणि अवश्य धारण करना चाहिए।
  • वास्तु दोष निवारण के लिए मच्छमणि धारण करना चाहिए। घर में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए भी यह मणि लाभदायक होता हैं।  
  • नजरदोष, शरीर में थकावट, केमुद्र्म दोष, गुरु चांडाल दोष, ऊपरी बाधा, व्यापार में बाधा आदि को दूर करने के लिए मच्छमणि धारण करना चाहिए।
  • यह रत्न शत्रुओं से हमारी रक्षा करता है तथा मनोबल में वृद्धि करता हैं। जब भी घर में बच्चों को या घर के किसी व्यक्ति को किसी कोने या कमरे में अनजान वस्तु या छाया का अहसास हो या डर हो तो इस मणि को जरुर धारण करना चाहिए।

कौन पहन सकता है मच्छमणि

राहू मकर राशि का स्वामी है, अतः मकर राशि वाले लोगों के लिए मच्छमणि धारण करना लाभदायक होता है। मिथुन, तुला, वृष या कुंभ राशि के लोगों को मच्छमणि अवश्य धारण करना चाहिए। राहू अगर दूसरे, तीसरे, नौवें या एकादश भाव में हो तो मच्छमणि पहनना चाहिए। राहू यदि केंद्र अर्थात 1, 4, 7 या 10 वे भाव में हो तो मच्छमणि अवश्य धारण करना चाहिए। बुध या शुक्र के साथ राहू की युति बन रही हो तो मच्छमणि फायदेमंद होता है। इस मणि को धारण करते समय राहू का मंत्र (ॐ रां राहवे नम:) का 108 बार जाप करना चाहिए।     

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