रामनवमी पर करें ऐसे पूजा
चैत्र नवरात्र के नवम दिन को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि राम नवमी के ही दिन त्रेता युग में महाराज दशरथ के घर विष्णु जी के अवतार भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में रामनवमी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व के साथ ही मां दुर्गा के नवरात्रों का समापन भी जुड़ा है।
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ऐसा माना जाता है कि रावण से युद्ध करने से पूर्व भगवान राम ने मां दुर्गा की उपासना की थी और उनके द्वारा की गई शक्ति पूजा ने उन्हें धर्म युद्ध में विजय प्रदान की। नवरात्र के समापन के इस दिन श्रद्धालु मां दुर्गा की उपासना करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं। यह त्योहार राम भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि रामनवमी के दिन व्रत रखने से अनेक पापों से मुक्ति मिलती है।
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राम नवमी की पूजन विधि
रामनवमी के अवसर पर भक्त विशेष रूप से मां दुर्गा का पूजन करते हैं। नारद पुराण के अनुसार राम नवमी के दिन भक्तों को उपवास करना चाहिए। भगवान राम की पूजा करते वक्त रामरक्षस्त्रोत का पाठ अवश्य करें। श्री राम जी की पूजा-अर्चना करने के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए और गौ, भूमि, वस्त्र आदि का दान देना चाहिए। इसके बाद भगवान श्रीराम की पूजा संपन्न करनी चाहिए। इस दिन छोटी कन्याओं को भोजन कराया जाता है एवं जगह-जगह भण्डारा लगता है एवं माता का प्रसाद वितरित किया जाता है। किसी प्रकार के शुभ कार्य करने की दृष्टि से ये एक महत्वपूर्ण दिन है।
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