गुरू का वक्री गोचर और आप पर प्रभाव ८ जनवरी – ९ मई

गुरू लाभ देने वाले ग्रहों में सबसे अग्रणी माने जाते हैं। इस बार गुरू का वक्री गोचर 8 जनवरी से सिहं राशि के अंत में हो रहा है। वक्री गोचर में यह उत्‍तराफाल्‍गुनी से पूर्वाफाल्‍गुनी में  पीछे की ओर बढ़ेगा। यह शुक्र और सूर्य के नक्षत्रों से होकर गुजरेगा। वक्री ग्रह अधिकतर अपनी प्रवृत्ति से अलग प्रभाव डालते हैं और कभी-कभी तो इनसे मिलने वाला प्रभाव आश्‍चर्य में डाल देता है। इस बार गुरू की युति राहू के साथ हो रही है जिसका प्रभाव मैं अलग लेख में विस्‍तार से बताउंगा। 9 मई तक गुरू और राहू सिर्फ 2 डिग्री के अंतर में चलेंगे लेकिन उसके बाद जब गुरू मार्गी होगा तो इनके बीच में 5 डिग्री का अंतर आ जाएगा। इस तरह की युति और उसका अध्‍ययन स्‍वयं में बहुत रोचक होता है। 25 जून को ये एक दूसरे के एकदम करीब होंगे जिसके बाद इनकी युति धीरे-धीरे समाप्‍त हो जाएगी।

ऐसे लोग जो गुरू की दशा, भुक्‍ति और अंतर से गुजर रहे हैं वह इस दौरान बड़े परिवर्तन महसूस करेंगे। विभिन्‍न राशियों पर उनका प्रभाव इस प्रकार होगा:

Janm Kundali

    1. मेष: अगर आपकी जन्‍म कुंडली में गुरू वक्री हो तो यह ट्रासिंट आपके प्‍यार और रोमांस के लिए बहुत अच्‍छा फल देने वाली होगी। रूका हुआ धन प्राप्‍त होगा। विदेश या दूर के किसी इंसान से मित्रता होगी। किस्‍मत आप पर मेहरबान होगी। ऐसा संभव है कि आप अपने शहर से बाहर किसी व्‍यापारिक रिश्‍तों में बंधे। लेकिन यदि आपकी कुंडली में गुरू मार्गी होगा तो ऊपर कहीं बातों का उल्‍टा असर होगा।
    2. वृषभ: अगर आपकी जन्‍म कुंडली में गुरू वक्री होगा तो आप खुद को आत्‍मविश्‍वास से लबालब भरा पाएंगे। जमीन-जायदाद और पैतृक संपत्ति के मामलों में कुछ बातचीत आगे बढ़ने की संभावना है। दोस्‍तों का सहयोग मिलेगा और वो लक्ष्‍यों की प्राप्‍ति में आापकी सहायता करेंगे। रूके हुए कई काम पूरे होंगे। लेकिन अगर आपकी कुंडली में गुरू मार्गी हैं तो उपरोक्‍त फल उल्‍टे हो जाएंगे।
    3. मिथुन: अगर आपकी जन्‍म कुंडली में गुरू वक्री है तो व्‍यक्तिगत जीवन में आप कई उपलब्‍धियां प्राप्‍त करेंगे। काम के कारण छोटी यात्राएं करेंगे। आप पर काम का अतिरिक्‍त भार पड़ेगाा किन्‍तु इससे आपके प्रदर्शन में और निखार आएगा। आपके सीनियर्स आपसे खुश रहेंगे। उनके साथ किसी भी बात पर उलझें नहीं। किन्‍तु यदि कुंडली में गुरू मार्गी हो तो उपरोक्‍त फलों की प्राप्‍ति में बाधा उत्‍पन्‍न होगी।

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    1. कर्क: दूर की भूमि से धन की प्राप्‍ति की संभावनाएं हैं। किसी दूसरे शहर या देश के लोगों से करीबी संबंध बनेंगे। आपको अचानक ऐसा लगेगा कि सभी लोग आपके साथ कुछ खास व्‍यवहार कर रहे हैं और आपको जीवन आसान लगने लगेगा। लेकिन यदि जन्‍म के समय गुरू मार्गी होगा तो कई प्रकार से कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
    2. सिहं: यदि जन्‍म कुंडली में गुरू वक्री है तो प्‍यार और रोमांस के लिए यह अच्‍छा समय गुजरेगा। आप सट्टे आदि से धन प्राप्‍त कर सकते हैं लेकिन बिना सलाह बहुत ज्‍यादा कोशिश न करें। आपका काम और व्‍यापार दोनों में अच्‍छी प्रगति करेंगे और चर्चित भी होंगे। लेकिन अगर कुंडली में गुरू मार्गी हुआ तो इस गोचर से मिलने वाले फल धूमलि होंगे।
    3. कन्‍या: आपके आपसी संबंधों में नयापन और सुधार होगा। दूसरों के प्रति दया और आभार अधिक होगा। जीवनसा‍थी और परिवार के साथ अच्‍छा समय व्‍यतीत करेंगे। जमीन जायदाद पर अधिक खर्च होगा किन्‍तु यह खर्च भविष्‍य में अच्‍छे नतीजे देगा। व्‍यापार में बढ़ोत्‍तरी होगी और नई जगह पर नई शुरूआत भी होगी। सभी कार्य ठीक से संपन्‍न होंगे। लेकिन अगर जन्‍म कुंडली में गुरू मार्गी हुआ तो ये सभी फल विपरीत मिलेंगे।
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    1. तुला: अगर किसी पुरानी बिमारी से जूझ रहे थे तो इस समय रिकवरी करेंगे। आपको अपने भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। यह गोचर आपके लिए धन और मान-सम्‍मान दोनों लेकर आ रहा है। अगर आप नौकरी ढूंढ रहे हैं तो यह सही समय है उसे प्राप्‍त कर लेने का। कानूनी मामलों में भी अच्‍छे नतीजे मिलेंगे। किन्‍तु आपका गुरू अगर जन्‍म कुंडली में मार्गी है तो यह गोचर आपको उतना लाभ नहीं देगा।
    2. वृश्‍चिक: यह गोचर आपको आर्थिक लाभ और सफलता देगा। प्‍यार के मामलों के लिए भी यह समय अच्‍छा होगा। ध्‍यान और योग की आपकी क्षमता में विकास होगा। अध्‍यात्‍म की ओर आपका रूझान बढेगा। किन्‍तु यदि आपके जन्‍म के समय गुरू मार्गी रहा होगा तो इन प्रभावों का आप पर विपरीत असर होगा।
    3. धनु: धार्मिक यात्राओं से लाभ निश्चित है। यह समय किस्‍मत के साथ आगे बढ़ने का है। ऐसा भी संभव है कि विदेश यात्रा के योग बनें। घर के रिन्‍यूवेशन और लग्‍जरी गाड़ी पर धन खर्च होंगे। आपका आत्‍मविश्‍वास बढ़ेगा और स्‍वास्‍थ्‍य भी बहुत अच्‍छा रहेगा। लेकिन यह फल तब प्राप्‍त होंगे जब आपके जन्‍म समय में गुरू वक्री होगा यदि उस दौरान गुरू मार्गी हुआ तो इस गोचर के प्रभाव एकदम उल्‍टे होंगे।
    4. मकर: नए रिश्‍तों की शुरूआत के लिए यह समय बहुत अच्‍छा है। इस दौरान अचानक कुछ लाभ भी हो सकता है। पुरानी बीमारी से छुटकारा मिलेगा। खरीदारी में धन खर्च होगा और परिवार में कुछ उत्‍सव भी मनाए जाएंगे। यह सभी फल गुरू के जन्‍मकुंडली में वक्री होने पर ही प्राप्‍त होंगे। मार्गी होने पर जातक को फल उसके विपरीत प्राप्‍त होंगे।

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  1. कुंभ: जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे। अगर अलगाव व मनमुटाव है तो करीबी की एक और कोशिश करने के लिए यह सबसे उपयुक्‍त समय है। अपने जीवन साथी के लिए आपके दिल में एक बार फिर से प्‍यार और सम्‍मान आएगा। व्‍यापार में बढ़ोत्‍तरी होगी और पारिवारिक संबंधों में भी सुधार होगा। संयुक्‍त परिवार वालों के लिए यह बहुत अच्‍छा समय है। किन्‍तु यदि जन्‍म कुंडली में गुरू मार्गी है तो सावधान रहें और कुछ भी नया करने या किसी भी तरह की कोशिश से बचें।
  2. मीन: आपके स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार होगा और लोगों के बीच आपका मान-सम्‍मान बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में अच्‍छा प्रदर्शन आपकी उन्‍नति की राह को आसान करेगा। यदि व्‍यापार में हैं तो यह लाभ प्राप्‍त करने का समय है। नौकरी बदलने का विचार है तो यह अच्‍छा समय है। आपके किसी करीबी को स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। यदि आपके जन्‍म के समय गुरू वक्री न होकर मार्गी रहा होगा तो यह समय सचेत रहने और हर प्रकार के संघर्ष के लिए तैयार रहने का है।

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