प्रथम घर -: पहले भाव में शुक्र आपको कला का शौकीन बनाता है। आप संगीत, नृत्य और चित्रकला में रूचि रखते होंगे। यहां शुक्र आपको एक्टिव बनाता है और हमेशा कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधी करते ही रहते हैं। सामान्य तौर पर प्रथम भाव में शुक्र आपके भाग्य को अच्छा बनाता है लेकिन यदि शुक्र पीडि़त हुआ तो यह विवाह मे बाधाएं उत्पन्न करता है।
दूसरा घर -: दूसरे घर में शुक्र उत्तम जीवनसाथी दिलाता है, आप समृद्ध होंगे जिसमें आपके जीवनसाथी का बड़ा योगदान होता है। आप दिखने में सुंदर होते हैं और विलासिता से भरा जीवन बिताते हैं। आपको भव्य और सुंदर चीजें बहुत जल्दी आकर्षित कर लेती हैं।
तीसरा घर –: तीसरे घर में शुक्र आपकी अच्छी मानसिक क्षमता को दर्शाता है। आपकी पहचान ही आपके विचारों के तौर पर की जाती है। इस भाव में शुक्र स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा परेशान अवश्य करता है। इसके अलावा आप शुक्र के प्रभाव के कारण ही आप आर्थिक मामलों में सफल नहीं हो पाते हैं।
चौथा घर -:इस भाव में शुक्र आपको भाग्यशाली बनाता है। यहां शुक्र हुआ तो आपके पास कई वाहन होते हैं। यह जातक भाग्यशाली होते हैं एवं इनके पास कई वाहन होते हैं। इनका अपना घर होता है। इन्हें अपनी माता से अत्यधिक प्रेम रहता है।
पांचवा घर -: यदि पांचवें घर में शुक्र है तो आपको अवश्य ही पुत्री प्राप्त होगी। आपका रूझान कविता, गीत-संगीत, लेखनजैसे क्षेत्रों में होता है और इन्हें आप अपना प्रोफेशन भी बनाते हैं। बहुत संभव है कि आपको सरकार द्वारा कोई सम्मान प्राप्त हो।
छठा घर -: इस भाव में शुक्र का होना आपके साथियों की संख्या ज्यादा और शत्रुओं की संख्या कम होना दिखाता है। आप सहयोगी स्वाभाव के होते हैं और हमेशा दूसरों की मदद करने में सबसे आगे रहते हैं।
सातवां घर -: यहां स्थित शुक्र आपको कई व्यस्नों में डालता है। सेक्स संबंधों में आपका रूझान बहुत ज्यादा होता है और ऐसा भी संभव है कि इस वजह से आप कई बीमारियों में पड़ जाएं। यहां बैठा शुक्र आपको झगड़ालू बनाता है आप दूसरों से ईर्ष्या रखते हैं साथ ही दूसरों को सम्मान देने में आपको अपना अपमान लगता है।
आठवां घर -: शुक्र यहां हो तो आपके पास संसार के सारे सुख होते हैं। परंतु आपकी मां के लिए शुक्र की यह स्थिति अच्छी नहीं होती है उन्हें तरह-तरह की बीमारियां परेशान करती रहती हैं। कभी-कभी इससे उनके जीवन को भी खतरा होता है। यहां शुक्र रहकर संसार को त्याग देने की प्रेरणा भी देता है।
शुक्र के अशुभ प्रभाव को कम करे शुक्र यंत्र
नौंवा घर -: यहां भी शुक्र का होना आपके लिए जीवन के सभी सुखों का संकेत है। आपको धन की कमी नहीं होगी तथा आप धार्मिक कार्यों में भी अवश्य रूचि लेते होंगे। अपने भाई बंधु से आपको सुख प्राप्त होगा। आप आस्तिक, गुणों से संपन्न तथा मौजी स्वाभाव के होते हैं।
दसवां घर -: दसवें घर में शुक्र आपको लोभी बनाता है। आप दूसरों का एहसान न मानने वाले होते हैं। यहां स्थित शुक्र संतान सुख में कमी करता है और आपको विलासी, धनी और स्वाभाव से शक करने वाला बनाता है।
ग्यारहवां घर -: यहां शुक्र की उपस्थिति आपके द्वारा किए हुए हर कार्य में आपको लाभ दिलाती है। आपकी सुंदरता, अच्छे व्यवहार, कीर्ति और यश, धन और सभी प्रकार के सुखों का कारण इस स्थान में बैठा शुक्र ही है।
बारहवां घर -: यहां शुक्र रहकर आपको कभी भी किसी भी चीज की कमी नहीं होने देगा। किन्तु आपमें जो कुछ अवगुण जैसे पराई स्त्री पर नजर रखना और आलस है उसका कारण भी यहां विराजमान शुक्र ही है। यह आपको बलवान और शत्रुओं का नाश करने वाला भी बनाता है।
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