१) मेष : यह गोचार मेष राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छा है। मंगल अपने ही घर को देखेगा और आप पर कृपा बरसाएगा। हां अपने क्रोध में अवश्यं थोड़ा नियंत्रण रखने की आवश्याक्ताृ है। क्रोध यदि हिंसात्मंक हुआ तो कई मामलों में नुकसान उठाना पड़ सकता है। व्यापार के क्षेत्र में अवसर प्राप्त होंगे लेकिन समझदारी और नियंत्रण बहुत आवश्य क हैं। जीवन साथी के स्वास्थ्य में कुछ गिरावट आ सकती है। भाग-दौड़ करें लेकिन परिवार के साथ भी अच्छा समय व्यसतीत करें।
२) वृषभ : यह गोचर कुछ ऐसा है कि आप स्वयं ही समस्याओं को निमंत्रण देंगे। सकारात्मचक सोच रखें और इस समय को रोमांचक समय की तरह संघर्ष के साथ निकालें और इसका आनंद लें। वृषभ लग्न की प्रकृति ही ये होती है कि संघर्ष के बाद असीम सुख को भोगते हैं। इस अनुसार यह समय आने वाले सुखों के लिए अपने आपको तैयार करने का समय है। आर्थिक स्थिति में थोडी खींचतान संभव है और इस कारण परिवार में भी थोड़ी समस्यार का सामना करना पड़ सकता है।
३) मिथुन : मंगल का ये गोचर आपके प्रेम भाव को प्रभावित करेगा। प्रेम जीवन का बहुत महत्व पूर्ण हिस्सा है इसलिए आपको चाहिए कि सभी परेशानियों और संकटों के बाद भी अपने प्रेम को अपनी ताकत बनाएं और जीवनसाथी का हाथ थाम कर आगे बढ़ते रहें। सेहत का थोड़ा ध्यान रखीए और ज्यादा तेल मसाले और गर्म तासीर के खाने से परहेज करें। यह गोचर शेयर बाजार से धन लाभ करा सकता है लेकिन इसके लिए जरूरी है कि किसी ज्योतिष से सलाह लेकर विषेश जगह पर ही पैसा लगाएं।
४) कर्क : क्रोध आपको नहीं करना है अन्यपथा घर में तनाव बढ़ेगा जिसका असर दूसरे कामों में भी होगा। यह गोचर आपके काम और आजीविका के साधन के लिए बहुत अच्छा है। नौकरी छोड़ने का विचार मन में नहीं लाइए जो कर रहे हैं करते रहिए। आपके प्यार परवान नहीं चढ़ते इसलिए याद रखें की प्यार पाना ही प्यार की जीत नहीं होती बल्किर जीवन भर एक दूसरे को खुश देखने की तमन्ना ही सच्चा प्या र है। परिवार को समय दें संयम रखें और समय का आनंद लें।
५) सिंह : भाग्येश भाग्य स्थारन को देख रहा है तो आपको किसी भी बात की चिंता करने की जरूरत ही नही है। इसके अलावा यदि आप सेना आदि में हैं तो पराक्रम दिखाने का मौका मिला तो आप पीछे नहीं हटेंगे। यह समय जोश से भरा हुआ बीतेगा। दूसरों की मदद में आपको आनंद मिलता है और यह सही समय है मान-सम्मान प्राप्त करने का। बस ध्यान देना है कि अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल गलत जगह न हो। क्रोध पर नियंत्रण रखें और शक्ति का व्यर्थ प्रदर्शन न करें।
६) कन्या : यह गोचर बहुत अच्छे फल देगा ऐसा कहना गलत होगा। आठवें और तीसरे भाव का स्वा मी मंगल कन्या लग्न वालों के लिए आमतौर पर शुभ नहीं होता। इस समय को संयम से गुजरने देना है। लोग आपके लिए गलत बोलेंगे और आपको बुरा भला कहेंगे लेकिन यदि आप इसका उग्र विरोध करेंगे तो उन्हें सफलता मिलेगी जो आपके लिए अच्छा नहीं है। घर में शांति व्यरवस्था को बनाए रखना है क्योंकि बाहर की परेशानियों से उतना नुकसान नहीं होता जितना घर में कलह होने पर होता है। उकसाने वालों से बचें और बेवजह किसी बात पर रिएक्शरन न दें।
७) तुला : भाग्य बहुत ज्यादा साथ नही है लेकिन फिर भी आपका कोई काम रूकेगा नहीं। फिलहाल नई योजनाओं में खुद को न व्यस्त करें जब तक पुरानी योजनाएं सुचारू रूप से नहीं चलने लगें। छोटी मोटी तूतू-मैंमैं को छोड़ दें तो बाकी हर जगह आपका जीवनसाथी आपका सबसे बड़ा सहारा बनकर खड़ा रहेगा। एक बात समझ लें की हमेशा आप सही नहीं हो सकते इसलिए कोई भी अगर आपको सलाह देता है तो कम से कम उसे ध्यान से जरूर सुनें। घर में अच्छा समय बिताएं और खुद को छोटी-मोटी चोटों से बचाएं।
८) वृश्चिक : लग्न का स्वामी स्वयं ही 12वें भाव में जाकर बैठ गया है। यह स्थिति परेशानियां लाती है। किन्तु यही भाव आपको शैय्या सुख देगा। साथ ही मित्रों का अच्छा सहयोग मिलेगा। कुछ नए काम शुरू होंगे जिनका फल थोड़ी देर से मिलेगा। क्रोध अत्यधिक आएगा जिस पर संयम रखना बहुत आवश्य क है। ऐसी स्थिति में क्रोध अपने ही पैरों में कुल्हा ड़ी मारने जैसा है। कुछ गुप्त प्रकार के सुख भी आपके लिए इंतज़ार कर रहे हैं।
९) धनु : खर्च बढ़ेगा लेकिन खुशी-खुशी आप खर्च करने के लिए तैयार भी रहेंगे क्योंपकि यह खर्च प्रेम की वजह से होगा। प्रेम प्रसंग अपने चरम सुख पर पहुंचने वाला है। कार्य क्षेत्र में कोई परेशानी नहीं है अर्थात दोनों तरह के काम आपको मंगल के इस गोचर में व्येस्त रखेंगे। आपमें ऊर्जा की कोई कमी नहीं रहेगी तो दूसरे भी आपको देखकर सकारात्मक भावों में घिरेंगे। आपकी असीम ऊर्जा आपके शत्रुओं के लिए भी साफ संकेत बनेगी। बस मित्रों से किसी भी तरह के विवाद से बचें और उनके साथ इस बेहतरीन समय का आनंद लें।
१०) मकर: मंगल का यह गोचर आपके लिए सिर्फ मंगल ही मंगल के संकेत दे रहा है। धन भाव का स्वामी बनकर यह आपको धन लाभ कराएगा। यह मेष राशि को देख रहा है जिसका सीधा प्रभाव घर के काम काज पर पड़ेगा और यह प्रभाव बहुत सकारात्मक होंगे। घर के सारे काम निपटाने के लिए यह समय बहुत अच्छा है। परिवार के साथ समय बिताइए और कहीं लंबी यात्रा पर सपरिवार घूमने जाइए। समय बहुत अनुकूल है भरपूर आनंद लीजिए।
११) कुम्भ : यह गोचर नवें, दसवें और ग्यापरहवें भाव में संबंध बना रहा है जोकि जातकों के लिए बहुत अच्छा है। दशमेश का नवें स्था न में बैठना आपके भाग्योदय की ओर संकेत दे रहा है। किन्तु कुछ समय बाद जब मंगल राहू के नक्षत्र में प्रवेश करेगा तो परेशानियां आएंगी। बड़ों की सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। लेकिन यह ज्या दा दिन नहीं चलेगा, राहु के नक्षत्र से गुजरने के बाद फिर से अच्छे दिन आएंगे और सब सामान्य हो जाएगा। आपके लिए हर तरह से दान करना और धर्म के कार्यों में समय देना लाभकारी है।
१२) मीन : इस गोचर मंगल धनेश और भाग्येश होकर आठवें भाव में पहुंच रहा है। यह आपके लिए अवश्यह किसी लाभ का कारण बनेगा। इस काल में आपको सुख और दुख का भोग समान रूप से करना है। शुरू में निराश होंगे लेकिन संयम रखें और खूद को मजबूत बनाकर आगे बढ़ते रहें। दोस्तों और जीवनसाथी के साथ खुद को जोड़ कर रखिए और उन्हेंप हर अच्छे बुरे में अपना राजदार बनाइए। यह गोचर शैय्या सुख लेकर आ रहा है। गुप्त संबंधों से आपको धन प्राप्तं होने के योग हैं।
By Acharya Raman
किसी भी जानकारी के लिए Call करें : 8285282851
ज्योतिष से संबधित अधिक जानकारी और दैनिक राशिफल पढने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को Like और Follow करें : Astrologer on Facebook

मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुम्भ
मीन 








