नर्क का मंदिर
मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां मन को शांति मिलती है। मंदिर में भगवान के समीप पाकर इंसान अपने दुख-दर्द भूल जाता है। लेकिन क्या कभी आपको मंदिर जाकर डर और घबराहट का अहसास हुआ है। जी हां, धरती पर एक ऐसा मंदिर भी है जहां जाने पर लोगों को डर की अनुभूति होती है। आपने मौत के बाद नर्क की सज़ा के बारे में तो सुना ही होगा। मृत्यु के पश्चात् नर्क में जाने पर इंसान को बड़ी कठोर यातनाएं दी जाती हैं। इन्हीं यातनाओं का जीता-जागता नमूना है दक्षिण-पूर्वी एशिया के देश थाईलैंड के शहर चियांग माई में स्थित चियांग मंदिर जहां नर्क की सजा को मूर्तियों द्वारा चरितार्थ किया गया है।
मंगल दोष के निवारण के लिए इसे घर में स्थापित करेंं
चियांग मंदिर
धरती के इस अनोखे मंदिर में देवी-देवता नहीं बल्कि नर्क की यातनाओं के साक्षात् दर्शन होते हैं। आपको बता दें कि इस मंदिर में मृत्यु के पश्चात् नर्क में मिलने वाली सज़ा को दिखाया जाता है। मंदिर में लगी मूर्तियां मनुष्य के पापकर्मों के प्रतिफल में दी गई नर्क की सज़ा को दर्शाती हैं। इन मूर्तियों द्वारा नर्क में मिलने वाली सज़ा के बारे में पता चलता है।
खुद जानें कब लगेगी आपकी सरकारी नौकरी
सनातन और बौद्ध मंदिर
यह चियांग मंदिर सनातन और बौद्ध धर्म को समर्पित है। इस मंदिर की कलाकृति भारतीय शिल्पकला से प्रेरित है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से 700 किमी की दूरी पर स्थित ये चियांग मंदिर पूरी दुनिया का अनूठा और एकमात्र मंदिर है। वैसे तो इस क्षेत्र में 300 मंदिर और भी हैं लेकिन पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा यही मंदिर पसंद आता है।
शनि यंत्र ताबीज़ पहनने से शनि देव होंगें प्रसन्न
नर्क की सज़ा
नर्क की सज़ा से प्रेरित इस मंदिर के निर्माण का मूल विचार प्रा कू विशानजालिकॉन का था। जीवन में किए गए पापकर्मों की सज़ा को मृत्यु के पश्चात् नर्क में भोगना ही पड़ता है, यही इस मंदिर के निर्माण का उद्देश्य है। इस मंदिर के माध्यम से लोग साक्षात् मृत्यु के पश्चात् नर्क में भोगे जाने वाले कष्टों को देख सकते हैं। इस मंदिर में बनाई गई मूर्तियां इतनी भयंकर दिखाई देती हैं कि लोग इन्हें देखकर ही नर्क की अनुभूति करने लगते हैं।

मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुम्भ
मीन 










