मकर राशि के लोग अपने सपनों को साकार करने का भरपूर जज्बा रखते हैं। इनमें शांत, शालीन और भावुकता का गुण होता है। इन्हें फेल्योर से बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। आइए जानते हैं कि मकर राशि के लोगों को कौन-सा रत्न पहनना चाहिए और किस रत्न से इन्हें दूर रहना चाहिए।
मकर राशि का भाग्य रत्न
मकर लग्न के लिए सूर्य आठवें भाव का स्वामी है। मकर लग्न का लग्नेश शनि है। शनि और सूर्य एक दूसरे के शत्रु हैं इसलिए इस लग्न में माणिक्य धारण नहीं करना चाहिए।
सातवें भाव का स्वामी
मकर लग्न में चंद्रमा सातवें भाव का स्वामी होता है। सातवां भाव मारक स्थान है। साथ ही लग्नेश शनि और चंद्रमा एक दूसरे के शत्रु भी हैं इसलिए मकर लग्न वालों को कभी भी मोती नहीं धारण करना चाहिए।
लग्न में मंगल
मकर लग्न में मंगल चतुर्थ भाव का स्वामी है। यदि इस लग्न में स्वामी चौथे स्थान में स्थित हो तो जातक को मूंगा पहनना शुभ रहता है। यदि अष्टम का अधिपति बारहवें भाव में स्थित हो तो मूंगा धारण करना अच्छा होता है।
लग्न में बुध
मकर लग्न में बुध छठे और नवे भाव का स्वामी होता है। नवें भाव में बुध की मूल राशि कन्या होती है। साथ ही बुध मकर लग्न के स्वामी शनि का मित्र भी होता है। इसलिए इस लग्न में पन्ना धारण करना लाभदायक होता है।
मकर राशि का रत्न
मकर लग्न में गुरू तीसरे और बारहवें भाव का स्वामी होता है जो कि अत्यंत अशुभ ग्रह माना गया है। इसलिए मकर लगन के व्यक्तियों को पुखराज नहीं पहनना चाहिए।
लग्न में शुक्र
मकर लग्न में शुक्र, पांचवें और दसवें भाव का स्वामी होता है। पंचम त्रिकोण का स्वामी होने के कारण इस लग्न के जातकों के लिए शुक्र अत्यंत हितकारी ग्रह माना गया है। क्योंकि मकर लग्न के स्वामी शनि और शुक्र मित्र हैं इसलिए इस लग्न के लोगों को हीरा पहनना चाहिए।
मकर राशि के लग्न में शनि
मकर लग्न में शनि दूसरे भाव का स्वामी है। अत: इस लगन के व्यक्तियों को हमेशा नीलम पहनना चाहिए।इससे उन्हेंहर तरह की सुख-समृद्धि एंव ऐश्वर्य प्राप्त होता है।
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Jignesh bol rha hu
Meri janm tarik 31/12/1989 hi mujee yah
Janhaa hi k me panhaa pen sakthaa hu ke nhi det of bart 31/12/1989
Ratko 12/5 minit janm huvha hi to yah batvho gav ka naam hi rapaar ghujart
मेरी कुण्डली में लग्नेश नीच के हैं।लग्न राशि:-मकर,लग्नेश:-शनि
चन्द्र राशि:-धनु
सुर्य राशि:-कन्या
चन्द्र राशि के गृहस्वामि बृहस्पति भी योगकारक नहीं हैं।
गुरु जी मेरी चन्द्र राशि और लग्न राशि में कौन राशि बलवान है।किस राशि के स्वामी की आराधना करने की आवश्यकता होगी। मेरी कुण्डली की उचित विश्लेषण करने से जो उचित हो मार्गदर्शन कीजिये।
मेरी कुण्डली इस प्रकार है :-
श्री संभवत 2026,श्रीशाके 1891,वासरे 7,रासो 9,नशत्रे 20,सौर मानेन क्न्यार्क 4 गते दिन घटिका 24,पला 15 गत, बगडीहाट ग्राम,पिथौरागढ़ जिला,उतराखण्ड राज्य निवासी जोतिर्वीदोय नामक पं0 श्री जगदीश चन्द्र जोशी पुत्र धर्मानन्द जोशी नामा दीर्घायु भूयात:।
प्रथम भाव में 10
द्वितीय भाव में 11, के साथ राहु
तृतीय भाव में 12
चतुर्थ भाव में 1,के साथ शनि
पंचम भाव में 2
षष्ट्म भाव में 3
सप्तम भाव में 4
अष्टम भाव में 5,के शुक्र और केतु
नवम भाव में 6,के साथ सुर्य,बुध और बृहस्पति
दशम भाव में 7
एकादश भाव में 8
द्वादश भाव में 9, के साथ चंद्रमा,और मंगल
मेरी नौकरी छूट चुकी है।कमाई के सभी स्रोत बन्द हो चुके हैं।मेरी परेशानी कैसे ठीक-ठाक होगी।कब तक मुझे रोजगार मिलेगा।
मेरा जन्म स्थान:- बगरीहाट
जिला:-पिथौरागढ़
राज्य:-उत्तराखंड
गुरु जी मेरे को सरल हिन्दी में बता दीजिए
जन्म समय:-
जन्म सन :-
जन्म दिन अर्थात् जन्म वार:-