चर्तुदशी श्राद्ध पर ऐसे करें अपने पितरों का तर्पण

चुर्तदशी तिथि पर मृत्‍यु होने वाले पूर्वजों और संबंधियों का श्राद्ध चुर्तदशी तिथि पर संपन्‍न किया जाता है। इसके अंतर्गत शुक्‍ल पक्ष और कृष्‍ण पक्ष चर्तुदशी को मृत्‍यु को प्राप्‍त हुए पूर्वजों का श्राद्ध करने का विधान है।

किसी हथियार, शस्‍त्र, दुर्घटना, हत्‍या या आत्‍महत्‍या किए गए लोगों का श्राद्ध चर्तुदशी तिथि पर किया जाता है।

इस बार चर्तुदशी श्राद्ध 18 सितंबर को मनाया जाएगा।  चतुर्दशी श्राद्ध को घट चर्तुदशी और घ्‍याला चर्तुदशी श्राद्ध भी कहा जाता है।

पितृ पक्ष श्राद्ध, पार्वण श्राद्ध है और इसे संपन्‍न करने का शुभ समय कुटुप मुहूर्त और रोहिणा है। मुहूर्त के शुरु होने के बाद आप अपराह्रन काल के खत्‍म होने के मध्‍य किसी भी समय श्राद्ध क्रिया संपन्‍न कर सकते हैं। श्राद्ध के अंत में तर्पण किया जाता है।

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श्राद्ध का शुभ समय :  

कुतुप मुहूर्त : 11.50 से 12.39

समयावधि : 46 मिनट

रोहिणा मुहूर्त : 12.39 से 13.27

समयावधि : 45 मिनट

अपराह्रन काल : 13.27 से 15.53

समयावधि : 2 घंटे 25 मिनट

चर्तुदशी तिथि की शुरुआत : 18 सितंबर, 2017 को 13.07 बजे आरंभ

चर्तुदशी तिथि का समापन : 19 सितंबर, 2017 को 11.52 बजे समाप्‍त

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इस बार श्राद्ध पक्ष पर अपने पूर्वजों को प्रसन्‍न कर उनका आशीर्वाद जरूर लें।

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