राक्षसकुल में जन्म  लेने पर भी विभीषण ने दिया था भगवान राम का साथ, जानें क्या हैं राक्षस गण की खूबियां

1. ब्रह्मा जी से वरदान

ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्‍त करने की इच्‍छा से रावण, कुंभकर्ण और विभीषण ने घोर तपस्‍या की। तपस्‍या से प्रसन्‍न होकर ब्रह्मा जी ने तीनों से वरदान मांगने को कहा। तब रावण ने मनुष्‍य के हाथों मृत्‍यु न होने, कुंभकर्ण ने निद्रा और विभीषण ने मांगा कि उसके मन में कभी कोई पाप का विचार न आए और उसका मन सदैव देव भक्‍ति में लीन रहे।