गुप्‍त नवरात्र में ये उपाय कर सकते हैं आपकी सारी मुश्किलें दूर

मां दुर्गा को नवरात्र अतिप्रिय हैं। यह नौ दिन माता रानी की साधना के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण और शुभ माने जाते हैं। इन पवित्र दिनों में साधक विभिन्‍न तंत्र विद्याओं के ज्ञान प्राप्‍ति हेतु मां दुर्गा की विशेष आराधना करते हैं।

आषाढ़ और माघ मास की शुक्‍ल पक्ष में आने वाले गुप्‍त नवरात्र तंत्र विद्या के लिए काफी महत्‍वपूर्ण माने जाते हैं। इस बार यह गुप्‍त नवरात्रि 24 जून से आरंभ होकर 2 जुलाई को समाप्‍त हो रहे हैं।

इस दौरान साधक किसी गुप्‍त स्‍थान पर जाकर मां दुर्गा के नौ स्‍वरूपों की आराधना करते हैं एवं इस दौरान बगुलामुखी माता की विशेष आराधना की जाती है। इस गुप्‍त नवरात्रि के दौरान साधक अपनी कठिन साधना से मां दुर्गा को प्रसन्‍न कर दुर्लभ शक्‍तियों की प्राप्ति करते हैं।

गुप्‍त नवरात्रि में होती है मां बगुलामुखी की विशेष पूजा

गुप्‍त नवरात्रि के दौरान मां बगुलामुखी को प्रसन्‍न करने के लिए विशेष आराधना की जाती है। इस दौरान घर में मां बगुलामुखी यंत्र की स्‍थापना करना भी शुभ माना जाता है।

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घट स्‍थापना

गुप्‍त नवरात्रि के आरंभ में घर अथवा मंदिरों में देवी मां की घट स्‍थापना की जाती है। प्रतिवर्ष मां दुर्गा के चार नवरात्र आते हैं जिसमें से दो नवरात्र बड़ी धूमधाम से मनाए जाते हैं तो दो गुप्‍त नवरात्रि होते हैं।

गुप्त नवरात्रि की प्रमुख देवियां

गुप्त नवरात्र में तंत्र साधना की प्राप्‍ति हेतु मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा की जाती है।

पूजन विधि

गुप्त नवरात्र में भी अन्य नवरात्रों की तरह ही पूजा की जाती है। प्रथम नवरात्र को नौ दिनों के उपवास का संकल्प लें और घटस्थापना करें। घटस्थापना के पश्‍चात् प्रत्‍येक दिन सुबह और शाम के समय मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। नवरात्र के अंतिम दिन कन्या पूजन के साथ अपने नवरात्र व्रत का उद्यापन करें।

गुप्‍त नवरात्रि में कलश स्‍थापना

प्रात:काल स्‍नान के पश्‍चात् पूजन स्‍थल में पूर्व दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठ जाएं। अब इस मंत्र का उच्‍चारण करें –

ऊं अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्‍थां गतोअपी वा

य: स्‍मरेत पुण्‍डरीकाक्षं स बाहान्‍तरं शुचि:।।

इस मंत्र का जाप करते हुए संपूर्ण पूजन सामग्री और स्‍वयं पर गंगाजल का छिड़काव करें।

अब हाथ में अक्षत, पुष्‍प और गंगाजल लेकर पूजा का संकल्‍प लें। अब देवी शैलपुत्री की तस्‍वीर के आगे मिट्टी कलश के ऊपर हाथ रखकर अक्षत, पुष्‍प और गंगाजल के साथ वरुण देव का अवाह्न करें। पूजन साम्रग्री लेकर पूजन करें और उसके पश्‍चात् आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

गुप्‍त नवरात्रि के उपाय

इस नवरात्रि के दौरान शिव-पार्वती का पूजन करने से शीघ्र विवाह की मनोकामना पूरी होती है। इनके पूजन के पश्‍चात् 3, 5 या 10 माला का जाप करें। आपको ये मंत्र पढ़ना है -:

ऊं शं शंकराय सकल-जन्‍मार्जित पाप-विध्‍वंसनाय,

पुरुषार्थ चतुष्‍टय लाभाय च पंति मे देहि कुरु कुरु स्‍वाहा।।

पूजन के बाद  शिवजी से अपने विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए प्रार्थना करें। शीघ्र विवाह की कामना रखते हैं तो शिव-पार्वती का गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करें। इस रुद्राक्ष को पहनने के बाद आपके विवाह में आ रही सभी प्रकार की मुश्किलें दूर हो जाएंगीं।

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वैवाहिक सुख के लिए उपाय

अगर आपकी अपने जीवनसाथी के साथ अनबन रहती है तो आपको गुप्‍त नवरात्रि के दौरान ये उपाय करना चाहिए।

सब नर करहिं परस्‍पर प्रीति।

चलहिं स्‍वधर्म निरत श्रुति नीति।।

इस चौपाई को 108 बार पढ़ें और इसे पढ़ते समय अग्‍नि में घी की आहुति दें। रोज़ सुबह पूजा के समय 21 बार इस चौपाई को पढ़ें। हो सके तो अपने जीवनसाथी से भी इस चौपाई का पाठ करवाएं।

जीवन में सुख-शांति की प्राप्‍ति के लिए आप अपनी राशि अनुसार भाग्‍य रत्‍न भी धारण कर सकते हैं। ये भाग्‍य रत्‍न अपनी ऊर्जा से आपके जीवन में सकारात्‍मकता लाते हैं और आपकी सारी मुश्किलों को दूर करते हैं।

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